भारत और साउथ कोरिया ने अपने रिश्तों को और मजबूत करने के लिए हाथ मिलाया है। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति Lee Jae-Myung की तीन दिनों की भारत यात्रा के बाद दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार और नई टेक्नोलॉजी पर मिलकर काम करने का फैसला किया। अब दोनों देश जहाजों के निर्माण और सेमीकंडक्टर जैसे जरूरी सेक्टर में एक-दूसरे की मदद करेंगे।

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रक्षा और टेक्नोलॉजी में क्या नए बदलाव आएंगे?

साउथ कोरिया अब भारत को सिर्फ तोप ही नहीं, बल्कि युद्धपोत, बख्तरबंद गाड़ियां और एडवांस मिसाइल सिस्टम भी मुहैया कराएगा। इसके लिए KIND-X नाम का एक नया इनोवेशन प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया है, जो डिफेंस स्टार्टअप्स और यूनिवर्सिटीज को आपस में जोड़ेगा। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में काम करने के लिए India-Korea Digital Bridge ढांचा तैयार किया जाएगा।

व्यापार और बिजनेस को लेकर क्या है बड़ा प्लान?

दोनों देशों ने आपसी व्यापार को मौजूदा 27 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर साल 2030 तक 50 बिलियन डॉलर करने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए CEPA समझौते को जल्द अपडेट किया जाएगा। बिजनेस के मोर्चे पर POSCO और JSW मिलकर ओडिशा में एक बड़ा स्टील प्लांट लगाएंगे, जबकि HD Korea Shipbuilding दक्षिण भारत में एक बड़ा शिपयार्ड विकसित करेगा।

अन्य महत्वपूर्ण समझौते और घोषणाएं

  • साउथ कोरिया अब इंटरनेशनल सोलर अलायंस का हिस्सा बनेगा और भारत ग्लोबल ग्रीन ग्रोथ इंस्टीट्यूट से जुड़ेगा।
  • साल 2028-29 को Year of India-ROK Friendship के तौर पर मनाया जाएगा।
  • कोरियाई कंपनियों और छोटे बिजनेस (SMEs) की मदद के लिए भारत में एक स्पेशल कोरियाई इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाई जाएगी।
  • दोनों देशों के रक्षा और विदेश मंत्रियों के बीच 2+2 डायलॉग शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com