भारत और दक्षिण कोरिया ने अपनी दोस्ती को और मजबूत करने का फैसला किया है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने 20 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली का दौरा किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने डिफेंस, व्यापार और नई टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में साथ मिलकर काम करने पर सहमति जताई है ताकि दोनों देशों का विकास हो सके।

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व्यापार और अर्थव्यवस्था में क्या बड़े बदलाव होंगे?

दोनों देशों ने व्यापार को बढ़ाने के लिए एक बड़ा लक्ष्य रखा है। अभी जो व्यापार 27 अरब डॉलर है, उसे 2030 तक बढ़ाकर 50 अरब डॉलर करने की तैयारी है। इसके लिए CEPA समझौते को अपडेट किया जाएगा। साथ ही, इलेक्ट्रिक गाड़ियों और ग्रीन एनर्जी जैसे सेक्टर में 16 समझौतों (MoUs) पर दस्तखत हुए हैं ताकि छोटे बिजनेस (MSME) को भी फायदा मिल सके।

विवरण लक्ष्य/संख्या समय सीमा
द्विपक्षीय व्यापार 50 अरब डॉलर 2030 तक
हस्ताक्षरित MoUs 16
मैत्री वर्ष भारत-कोरिया मैत्री वर्ष 2028-29
रणनीतिक विजन Joint Strategic Vision 2026-2030

डिफेंस और टेक्नोलॉजी में क्या नया होगा?

डिफेंस के क्षेत्र में दोनों देश अब मिल कर हथियार और सिस्टम बनाएंगे। इसमें K9-वज्र होवित्जर जैसे तोप प्लेटफॉर्म और मिसाइल सिस्टम पर काम होगा। इसके लिए ‘KIND-X’ नाम का एक नया प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है। टेक्नोलॉजी के लिए ‘इंडिया-कोरिया डिजिटल ब्रिज’ बनाया गया है, जिससे AI और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में मदद मिलेगी। अब जहाजों के निर्माण और अंतरिक्ष रिसर्च में भी साथ काम होगा।

दुनिया भर में कैसे साथ काम करेंगे दोनों देश?

दोनों देशों ने दुनिया भर में अपनी पकड़ मजबूत करने का फैसला किया है। दक्षिण कोरिया अब इंटरनेशनल सोलर अलायंस और इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव का हिस्सा बनेगा। वहीं, भारत ग्लोबल ग्रीन ग्रोथ इंस्टीट्यूट (GGGI) से जुड़ेगा। साथ ही, साल 2028-29 को ‘भारत-दक्षिण कोरिया मैत्री वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.