India-South Korea Deal: भारत और दक्षिण कोरिया के बीच हुई बड़ी डील, AI और सेमीकंडक्टर समेत कई सेक्टरों में बढ़ेगी साझेदारी

भारत और दक्षिण कोरिया ने अपने रिश्तों को और मजबूत करने का फैसला किया है। सोमवार को दोनों देशों के बीच हुई बातचीत में टेक्नोलॉजी, जहाज बनाने और ऊर्जा जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति Lee Jae Myung की भारत यात्रा के दौरान कई अहम समझौतों पर साइन किए गए, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे।

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भारत और दक्षिण कोरिया के बीच किन बड़ी बातों पर हुई सहमति?

दोनों देशों ने तय किया है कि साल 2030 तक आपसी व्यापार को बढ़ाकर 50 अरब डॉलर किया जाएगा, जबकि अभी यह करीब 27 अरब डॉलर है। इस लक्ष्य को पाने के लिए India-Korea Digital Bridge शुरू किया जा रहा है। इसके जरिए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे आधुनिक क्षेत्रों में मिलकर रिसर्च की जाएगी। साथ ही, भारत में कोरियन इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाए जाएंगे, ताकि दक्षिण कोरिया की छोटी और मध्यम कंपनियां भारत में आसानी से अपना काम शुरू कर सकें।

किन-किन क्षेत्रों में होगा काम और क्या हैं नए समझौते?

दोनों देशों ने कई अलग-अलग सेक्टरों में हाथ मिलाने का फैसला किया है। इनमें शिपिंग से लेकर स्टील और डिफेंस तक शामिल हैं। मुख्य समझौतों की जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:

क्षेत्र (Sector) समझौता और विवरण
शिपबिल्डिंग और पोर्ट्स समुद्री लॉजिस्टिक्स और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए नया फ्रेमवर्क तैयार हुआ।
स्टील सेक्टर POSCO जैसी कोरियाई कंपनियों के भारत में निवेश के लिए MoU साइन हुआ।
एनर्जी सस्टेनेबिलिटी और ऊर्जा संसाधनों की सुरक्षा पर संयुक्त बयान जारी हुआ।
डिफेंस K9 वज्र सिस्टम जैसे हथियारों के सह-विकास और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर चर्चा हुई।
कल्चर और स्पोर्ट्स क्रिएटिव इंडस्ट्री और खेलों को बढ़ावा देने के लिए अलग से MoU किए गए।
ट्रेड (व्यापार) CEPA समझौते को अपग्रेड करने की बातचीत फिर से शुरू करने का फैसला हुआ।
ग्लोबल अलायंस कोरिया अब Indo-Pacific Oceans Initiative और International Solar Alliance में शामिल होगा।

आगे की योजना और महत्वपूर्ण तारीखें क्या हैं?

व्यापार को आसान बनाने वाले CEPA समझौते को अपग्रेड करने की बातचीत 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है, जिसकी अगली मीटिंग मई 2026 में होगी। इसके अलावा, साल 2028 और 2029 को भारत-कोरिया मैत्री वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। साल 2028 में एक बड़े फ्रेंडशिप फेस्टिवल का भी आयोजन किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों और मार्केट इकोनॉमी में विश्वास रखते हैं, इसलिए वे एक-दूसरे के लिए आदर्श पार्टनर हैं।