India-South Korea Trade Update: भारत और दक्षिण कोरिया बढ़ाएंगे व्यापार, 2030 तक 50 अरब डॉलर का लक्ष्य, नए समझौतों पर हुई मुहर
भारत और दक्षिण कोरिया अपने व्यापारिक रिश्तों को और मजबूत करने की तैयारी में हैं। केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने दक्षिण कोरिया के व्यापार मंत्री Yeo Han-koo से मुलाकात की और पुराने व्यापार समझौते (CEPA) को नया रूप देने पर चर्चा की। दोनों देशों का मकसद व्यापार को बढ़ाना और नई तकनीकों में एक-दूसरे की मदद करना है।
मीटिंग में किन खास बातों पर हुई सहमति?
दोनों देशों ने आधुनिक तकनीक और डिजिटल क्षेत्र में हाथ मिलाने का फैसला किया है। इसके लिए ‘India-Korea Digital Bridge’ बनाया जाएगा जो Artificial Intelligence (AI) और IT में मदद करेगा। साथ ही, जरूरी तकनीक और सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए ‘Economic Security Dialogue’ की शुरुआत होगी। जहाजरानी, ऊर्जा और AI जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग के लिए MoUs का आदान-प्रदान भी हुआ है।
व्यापार और निवेश का क्या है प्लान?
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने बताया कि दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक आपसी व्यापार को 50 अरब डॉलर तक ले जाना है। अभी यह व्यापार करीब 27 अरब डॉलर है। व्यापार को बढ़ाने के लिए 2010 से लागू पुराने CEPA समझौते को आधुनिक बनाया जा रहा है। इसमें सामान के मूल स्थान (Rules of Origin) से जुड़े नियमों को और कड़ा किया गया है ताकि सही तरीके से व्यापार हो सके।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मुख्य मुलाकात की तारीख | 20 अप्रैल, 2026 |
| व्यापार लक्ष्य (2030) | 50 अरब डॉलर |
| वर्तमान व्यापार | 27 अरब डॉलर |
| नया डिजिटल प्रोजेक्ट | India-Korea Digital Bridge |
| वित्तीय सहयोग | India-Korea Financial Forum की शुरुआत |
| निवेश के मुख्य क्षेत्र | ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी |
| भारत का निर्यात (2024-25) | 5.81 अरब डॉलर |