India-South Korea Trade: भारत और दक्षिण कोरिया बढ़ाएंगे व्यापार, 2030 तक 54 अरब डॉलर का लक्ष्य, ओडिशा में लगेगा बड़ा स्टील प्लांट
भारत और दक्षिण कोरिया अब व्यापार के मोर्चे पर हाथ मिला रहे हैं। केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal और दक्षिण कोरिया के व्यापार मंत्री Kim Jung-Kwan ने दिल्ली में मुलाकात की। दोनों देशों ने व्यापार को संतुलित करने और निवेश बढ़ाने पर चर्चा की ताकि आने वाले समय में दोनों देशों को फायदा हो। इस मुलाकात में कई बड़े समझौतों पर बात हुई है।
व्यापार में क्या बदलाव आएंगे और क्या है लक्ष्य?
भारत और दक्षिण कोरिया ने अपने व्यापार समझौते (CEPA) को तेज़ी से अपग्रेड करने का फैसला किया है। इसका मकसद व्यापार की बाधाओं को कम करना और बिजनेस करना आसान बनाना है। दोनों देशों ने तय किया है कि 2030 तक आपसी व्यापार को 27 अरब डॉलर से बढ़ाकर 54 अरब डॉलर किया जाएगा। इसके लिए हर साल व्यापार में करीब 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी करनी होगी।
निवेश के लिए क्या खास योजना है?
भारत में दक्षिण कोरियाई कंपनियों के लिए एक खास ‘Korea enclave’ या औद्योगिक टाउनशिप बनाने की तैयारी है। यहाँ कंपनियों को काम करने के लिए बना-बनाया बुनियादी ढांचा मिलेगा जिससे उन्हें बिजनेस शुरू करने में आसानी होगी। इसके अलावा, ओडिशा में करीब 6 अरब डॉलर के निवेश से एक बड़ा स्टील प्लांट लगाया जाएगा। कुल 16 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
मुख्य सहयोग के क्षेत्र और समझौते
दोनों देशों ने सेमीकंडक्टर्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी और शिपबिल्डिंग जैसे सेक्टर में साथ काम करने पर सहमति जताई है। इसके लिए एक इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन कमेटी बनाई गई है जो ट्रेड, इंडस्ट्री और क्लीन एनर्जी जैसे चार अलग ग्रुप्स के जरिए काम करेगी।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| व्यापार लक्ष्य (2030) | 54 अरब डॉलर |
| वर्तमान व्यापार | 27 अरब डॉलर |
| ओडिशा स्टील प्लांट निवेश | 6 अरब डॉलर |
| मुख्य क्षेत्र | सेमीकंडक्टर, शिपबिल्डिंग, ग्रीन एनर्जी |
| नया प्रोजेक्ट | Korea Enclave (औद्योगिक टाउनशिप) |
| प्रमुख समझौता | CEPA अपग्रेड |
| कुल MoU | 16 समझौते |