India-South Korea Trade Deal: भारत और दक्षिण कोरिया के बीच बड़ा समझौता, 2030 तक 50 अरब डॉलर का होगा व्यापार

भारत और दक्षिण कोरिया ने अपनी दोस्ती और कारोबारी रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का फैसला किया है। दोनों देशों ने व्यापार को बढ़ाने और नई टेक्नोलॉजी पर मिलकर काम करने का वादा किया। प्रधानमंत्री Narendra Modi और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति Lee Jae-myung ने इस बड़े रणनीतिक समझौते पर मुहर लगाई है।

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व्यापार को 50 अरब डॉलर तक ले जाने का क्या प्लान है?

भारत और दक्षिण कोरिया ने तय किया है कि 2030 तक आपसी व्यापार को मौजूदा 27 अरब डॉलर से बढ़ाकर 50 अरब डॉलर किया जाएगा। इसके लिए दोनों देश अपने पुराने CEPA समझौते को अपडेट करेंगे। इसकी अगली बातचीत मई में होगी और इसे 2027 के मध्य तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि निवेश और व्यापार के रास्ते और आसान हो सकें।

किन खास सेक्टर में होगी साझेदारी और क्या हुए समझौते?

दोनों देशों ने कुल 16 समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे बड़े क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा, जहाजों के निर्माण, महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई और पर्यावरण सुरक्षा पर भी मिलकर काम करने का फैसला हुआ। दक्षिण कोरिया अब भारत से नेफ्था का आयात भी बढ़ाएगा।

निवेशकों के लिए भारत में क्या नई सुविधा मिलेगी?

दक्षिण कोरियाई कंपनियों को भारत में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक खास इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाई जाएगी। इसमें प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर होगा ताकि कंपनियां बिना किसी देरी के अपना काम शुरू कर सकें। इसके साथ ही, इंडिया-कोरिया फाइनेंशियल फोरम और एक आर्थिक सुरक्षा संवाद भी शुरू किया गया है जो सप्लाई चेन को मजबूत रखेगा।

विवरण जानकारी
वर्तमान व्यापार लगभग 27 अरब डॉलर
2030 का लक्ष्य 50 अरब डॉलर
कुल समझौते (MoUs) 16
CEPA अपडेट की समयसीमा मध्य 2027
मुख्य क्षेत्र सेमीकंडक्टर, चिप्स, जहाज, ग्रीन एनर्जी