भारतीय विदेश मंत्रालय का बड़ा कदम, विदेश में मुसीबत में फंसे 10,000 से ज्यादा लोगों की मदद के लिए खर्च किए 21.88 करोड़ रुपये.

Nura Basta6 August 20262 min read47 viewsIndia
भारतीय विदेश मंत्रालय का बड़ा कदम, विदेश में मुसीबत में फंसे 10,000 से ज्यादा लोगों की मदद के लिए खर्च किए 21.88 करोड़ रुपये.

विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए भारत सरकार ने साल 2025 में एक बड़ी राहत भरी खबर दी है। भारत सरकार ने विदेश में मुसीबत में फंसे अपने 10,000 से अधिक नागरिकों की सहायता के लिए 21.88 करोड़ रुपये का बड़ा बजट खर्च किया है। यह जानकारी स्वयं Ministry of External Affairs (MEA) ने संसद के उच्च सदन यानी Rajya Sabha में एक आधिकारिक बयान के दौरान दी है। विदेशों में काम करने वाले या घूमने जाने वाले भारतीयों के लिए यह फंड एक बड़ा सहारा बनकर सामने आया है।

क्या है यह इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड

साल 2009 में इस Indian Community Welfare Fund (ICWF) की स्थापना की गई थी। इस फंड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए सरकार बजट से पैसा नहीं लेती है। यह एक self-sustaining fund है, जिसे विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों और मिशनों द्वारा दी जाने वाली पासपोर्ट, वीजा और अन्य कांसुलर सेवाओं पर लगाए गए सर्विस चार्ज के जरिए इकट्ठा किया जाता है। इस फंड का मुख्य उद्देश्य उन भारतीयों की मदद करना है जो विदेश की धरती पर अचानक किसी मुसीबत में फंस जाते हैं या जिन्हें किसी इमरजेंसी सहायता की तत्काल जरूरत होती है। आप इस फंड के बारे में अधिक जानकारी MEA की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

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कैसे मिलती है मदद और क्या है इसके नियम

ICWF के नियमों को आखिरी बार सितंबर 2017 में अपडेट किया गया था, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका फायदा मिल सके। जो भारतीय विदेश में कानूनी रूप से रह रहे हैं या जो पर्यटक के तौर पर विदेश गए हैं और वहां संकट में फंस गए हैं, उन्हें ही इस योजना के तहत मदद दी जाती है। यह सहायता एक means-tested basis पर दी जाती है। इस फंड के जरिए सरकार संकट के समय रहने-खाने की व्यवस्था, मेडिकल इमरजेंसी, कानूनी सलाह और सबसे जरूरी—मुसीबत में फंसे लोगों को वापस भारत लाने के लिए हवाई टिकट की सुविधा प्रदान करती है। साथ ही, दुर्भाग्यपूर्ण स्थितियों में किसी की मृत्यु होने पर उनके शव को स्वदेश भेजने का खर्च भी सरकार इसी फंड से उठाती है। इस बारे में विस्तृत जानकारी के लिए आप आधिकारिक गाइडलाइन्स देख सकते हैं।

महिलाओं के लिए खास इंतजाम

सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नौ (9) One-Stop Centres (OSCs) बनाने को भी मंजूरी दी है। इनमें से सात शेल्टर होम खास तौर पर GCC देशों में बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा टोरंटो और सिंगापुर में भी ऐसे केंद्र खुलेंगे जो साल 2025 के अंत तक काम करना शुरू कर देंगे। यह कदम उन महिलाओं के लिए बेहद मददगार साबित होगा जो विदेश में किसी भी तरह की घरेलू या कार्यस्थल संबंधी परेशानी का सामना कर रही हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2014 से लेकर जून 2026 के बीच इस फंड के जरिए कुल 369,711 भारतीयों को अलग-अलग स्तर पर सहायता पहुंचाई गई है।

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