श्रीलंक में रहने वाले तमिलों के लिए खुशखबरी, भारत सरकार ने OCI कार्ड के नियम बदले, अब छठी पीढ़ी को भी मिलेगा फायदा
भारत के उपराष्ट्रपति CP Radhakrishnan ने श्रीलंक में रहने वाले भारतीय मूल के तमिल समुदाय के लिए एक बहुत बड़ा ऐलान किया है। अब श्रीलंक के 5वीं और 6वीं पीढ़ी के तमिल लोग भी OCI कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह फैसला कोलंबो में एक बड़े कार्यक्रम के दौरान लिया गया, जिससे दोनों देशों के बीच रिश्ते और मजबूत होंगे।
OCI कार्ड के नियमों में क्या बदलाव हुआ है?
पहले OCI कार्ड केवल चौथी पीढ़ी के भारतीय प्रवासियों तक सीमित था। अब भारत सरकार ने इस दायरे को बढ़ाते हुए इसमें 5वीं और 6वीं पीढ़ी के लोगों को भी शामिल कर लिया है। विदेश सचिव Vikram Misri ने जानकारी दी कि इस नीति बदलाव से श्रीलंक के भारतीय मूल के तमिल समुदाय को काफी लाभ होगा। इससे वे लोग भी भारत के साथ अपना रिश्ता जोड़ पाएंगे जिनके पूर्वज काफी समय पहले श्रीलंक चले गए थे।
उपराष्ट्रपति की यात्रा और अन्य अहम जानकारियां
उपराष्ट्रपति CP Radhakrishnan ने 19 अप्रैल 2026 को अपनी पहली विदेश यात्रा के तौर पर श्रीलंक का दौरा किया। इस दो दिवसीय यात्रा के दौरान उन्होंने श्रीलंक के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री समेत कई बड़े नेताओं से मुलाकात की। इसके अलावा वह भारत के हाउसिंग प्रोजेक्ट और नुवारा एलिया के सीता मंदिर भी जाएंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने कहा कि यह कदम दोनों देशों के बीच के मजबूत संबंधों को और ज्यादा बढ़ाएगा।
इस फैसले से जुड़े मुख्य लोग और संस्थाएं
| नाम/संस्था | भूमिका/पद |
|---|---|
| CP Radhakrishnan | उपराष्ट्रपति, भारत |
| Vikram Misri | विदेश सचिव |
| Randhir Jaiswal | प्रवक्ता, विदेश मंत्रालय (MEA) |
| Santosh Jha | भारतीय उच्चायुक्त, श्रीलंक |
| Santosh Menon | अध्यक्ष, लंका इंडिया बिजनेस एसोसिएशन |
| Anura Kumara Dissanayake | राष्ट्रपति, श्रीलंक |
| Harini Amarasuriya | प्रधानमंत्री, श्रीलंक |