Strait of Hormuz विवाद: India ने फिर उठाई आवाज़, जहाजों का रास्ता साफ़ रखने की मांग, Navy ने तैनात किए युद्धपोत

भारत ने एक बार फिर Strait of Hormuz के जरिए जहाजों की सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के आवाजाही की मांग की है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से भारत अपनी ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा को लेकर चिंतित है. इस मामले में भारत सरकार लगातार दुनिया के बड़े देशों से बातचीत कर रही है ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर कोई बुरा असर न पड़े.

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India ने दुनिया से क्या मांग की और क्यों है यह जरूरी?

भारत ने साफ तौर पर कहा है कि Strait of Hormuz से होने वाला व्यापार बिना किसी बाधा के चलना चाहिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर बात की. इसके अलावा भारत ने ब्रिटेन द्वारा बुलाए गए एक वर्चुअल मीटिंग में भी हिस्सा लिया जिसमें 35 देशों ने शिरकत की. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने भी उम्मीद जताई कि वैश्विक व्यापार का प्रवाह बिना किसी रुकावट के बना रहेगा.

Iran का रुख क्या है और Indian Navy ने क्या कदम उठाए?

ईरान ने ऐलान किया है कि जब तक अमेरिका और इजराइल का युद्ध खत्म नहीं होता तब तक वह इस रास्ते पर कड़ी निगरानी रखेगा. तनाव के बीच भारत के कुछ जहाजों के साथ सुरक्षा घटनाएं भी हुईं जिसके कारण कुछ टैंकरों को वापस लौटना पड़ा. अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए Indian Navy ने ओमान की खाड़ी में युद्धपोत तैनात कर दिए हैं ताकि भारत के कार्गो जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिल सके. भारत के संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि हरीश पार्वतीनेनी ने भी UN में जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान होना चाहिए और व्यापारिक जहाजों को निशाना नहीं बनाना चाहिए.