भारत में नौकरियों की बाढ़, 2031 तक बनेंगे 1380 नए सेंटर और मिलेंगे 11.8 लाख नए मौके.

भारत के ग्लोबल केपेबिलिटी सेंटर यानी GCC सेक्टर में बहुत बड़ा बदलाव आने वाला है। आने वाले कुछ सालों में देश के अलग-अलग राज्यों में नई नीतियों के तहत लगभग 1.18 million यानी 11 लाख 80 हजार नए रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे। इसके साथ ही करीब 1,380 नए सेंटर भी खोले जाएंगे। इस बात की जानकारी हाल ही में आई CBRE की एक रिपोर्ट में सामने आई है, जो देश के कमर्शियल रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक बहुत बड़ी खबर है।
छोटे शहरों की तरफ बढ़ रही है कंपनियों की नजर
पारंपरिक रूप से बड़े शहरों जैसे मेट्रो सिटी तक सीमित रहने वाली कंपनियां अब देश के छोटे और उभरते हुए शहरों यानी Tier-II और Tier-III शहरों का रुख कर रही हैं। राज्यों की तरफ से बनाई गई खास नीतियों के कारण अब काम का दायरा बड़े महानगरों से निकलकर छोटे शहरों तक पहुंच रहा है। इससे उन युवाओं को अपने गृह राज्यों या छोटे शहरों में ही बेहतर नौकरियां मिल सकेंगी जिन्हें पहले बड़े शहरों में पलायन करना पड़ता था। गल्फ देशों और विदेशों में काम करने वाले कई भारतीय युवा भी अब देश के भीतर आ रहे इन बेहतरीन अवसरों का लाभ उठाने के लिए वापसी की सोच रहे हैं।
वित्तीय वर्ष 2026 तक के आंकड़े
बीते वित्तीय वर्ष 2026 के अंत तक भारत में कुल 2.36 million यानी 23 लाख 60 हजार जीसीसी प्रोफेशनल्स काम कर रहे थे। इस सेक्टर से देश को कुल $98.4 billion का भारी-भरकम राजस्व प्राप्त हुआ था। कर्नाटक, महाराष्ट्र, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे प्रमुख राज्यों ने कंपनियों को आकर्षित करने के लिए कई तरह की विशेष योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं में कैपिटल एक्सपेंडिचर सब्सिडी, पेरोल सपोर्ट और आसान अनुमति जैसी सुविधाएं शामिल हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा कंपनियां निवेश कर सकें। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक निवेश वेबसाइट पर जा सकते हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीक का बढ़ता दायरा
विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार की इन नीतियों और आधुनिक तकनीकों की मांग के चलते यह सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI, साइबर सिक्योरिटी और रिसर्च एंड डेवलपमेंट यानी R&D जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले पेशेवरों की मांग बहुत ज्यादा बढ़ गई है। इसी रफ्तार को देखते हुए अनुमान लगाया गया है कि साल 2030 तक भारत में कुल 4,400 जीसीसी सेंटर काम करने लगेंगे। इस पूरी रिपोर्ट और विकास की अधिक जानकारी के लिए ANI न्यूज रिपोर्ट को देखा जा सकता है।