मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के बंद होने के बाद भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए नए विकल्प तलाश रहा है। बिजनेस एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म Kpler के मुख्य ऊर्जा विश्लेषक सुमित रितोलिया ने जानकारी दी है कि भारत अब अमेरिका से अधिक मात्रा में तेल खरीदने की योजना बना रहा है। इसी बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी भारत के दौरे पर पहुंचे हैं और उन्होंने भारत को ऊर्जा सुरक्षा के मामले में हर संभव मदद देने का बड़ा भरोसा दिया है।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद होने से भारत में एलपीजी संकट क्यों गहराया?

28 फरवरी 2026 से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में जारी रुकावट के कारण भारत को एलपीजी आपूर्ति में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 80 से 85 प्रतिशत एलपीजी खाड़ी देशों से आयात करता है, जो इसी समुद्री रास्ते से होकर भारत पहुंचता है।

  • आयात में भारी कमी: यूएई, कतर, कुवैत और सऊदी अरब से भारत आने वाली एलपीजी में अप्रैल के महीने में फरवरी के मुकाबले करीब 75 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
  • दैनिक आपूर्ति में अंतर: भारत इस समय प्रतिदिन लगभग 400,000 बैरल एलपीजी की कमी का सामना कर रहा है, क्योंकि घरेलू उत्पादन इस आयात की कमी को पूरा नहीं कर पा रहा है।
  • भारत का सुरक्षित भंडार: भारत के पास आपात स्थिति के लिए करीब 60 दिनों का कच्चा तेल और एलएनजी रिजर्व है, जबकि एलपीजी का स्टॉक केवल 45 दिनों का ही उपलब्ध है।

अमेरिकी विदेश मंत्री का भारत दौरा और तेल खरीद पर बड़ी घोषणा

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और कहा कि अमेरिका भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए जितनी जरूरत हो उतना तेल और गैस बेचने के लिए तैयार है। उन्होंने अमेरिका के ऐतिहासिक तेल उत्पादन और वेनेजुएला से तेल खरीद के अवसरों का भी जिक्र किया। दूसरी तरफ भारतीय तेल मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया है कि भारतीय तेल कंपनियां हमेशा सबसे किफायती और फायदेमंद विकल्पों को प्राथमिकता देती हैं, इसलिए भारत रूस से भी अपनी तेल खरीद जारी रखे हुए है और मई में रूस से तेल का आयात करीब 1.9 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक पहुंचने की उम्मीद है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

भारत अपनी एलपीजी जरूरतों के लिए किस क्षेत्र पर सबसे ज्यादा निर्भर है?

भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का 80 से 85 प्रतिशत हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है, जो पूरी तरह से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के रास्ते भारत पहुंचता है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत में तेल आपूर्ति को लेकर क्या बयान दिया?

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका भारत को उतना तेल और ऊर्जा बेचने के लिए पूरी तरह तैयार है जितना भारत खरीदना चाहता है, इसके लिए अमेरिकी तेल उत्पादन को ऐतिहासिक स्तर पर बढ़ाया गया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.