भारत सरकार का बड़ा कदम, तीन हफ्ते में तय होंगे एयरफेयर और सर्ज प्राइसिंग के नए नियम.

भारत के केंद्रीय मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में बड़ी जानकारी देते हुए बताया कि विमान यात्रा के किराए और महंगे टिकटों पर लगाम लगाने के लिए नए नियम अगले तीन हफ्तों में पूरी तरह से तैयार कर लिए जाएंगे। एयरलाइंस द्वारा मनमाने तरीके से किराए बढ़ाए जाने के मामलों पर कोर्ट की सख्ती के बाद सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है। इन नए नियमों को भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 के तहत तैयार किया जा रहा है, जो इसी साल यानी जनवरी 2025 से लागू हो चुका है। गल्फ देशों और भारत के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह खबर बहुत राहत भरी है क्योंकि इससे छुट्टियों और त्योहारों के समय अचानक बढ़ने वाले किराए पर रोक लगेगी।
सुप्रीम कोर्ट की कड़ी चेतावनी और जनहित याचिका
सोमवार, 17 अगस्त 2026 को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस सandeep मेहता की बेंच ने सामाजिक कार्यकर्ता एस. लक्ष्मीनारायणन द्वारा दाखिल की गई एक जनहित याचिका पर सुनवाई की। इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि एयरलाइंस सरकार के निर्देशों का पालन बिल्कुल नहीं कर रही हैं और यात्रियों से मनमाना पैसा वसूल रही हैं। कोर्ट ने कड़ी चेतावनी देते हुए साफ कह दिया कि यदि एयरलाइंस तय नियमों का पालन नहीं करती हैं, तो उनके विमानों को जमीन पर भी बैठाया जा सकता है। सरकार की तरफ से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल कौशिक ने अदालत को आश्वस्त किया कि इस पूरी प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा रहा है।
यात्रियों को महंगे टिकटों से राहत देने की तैयारी
यह नया नियम मुख्य रूप से डायनेमिक प्राइसिंग, सर्ज प्राइसिंग और ज्यादा सामान ले जाने पर लगने वाले अतिरिक्त चार्ज को नियंत्रित करने के लिए बनाया जा रहा है। इसका मकसद आम यात्रियों को उस समय बचाना है जब पीक सीजन या छुट्टियों में अचानक टिकट के दाम आसमान छूने लगते हैं। हालांकि सरकार यह मानती है कि बाजार में मांग, मौसम और प्रतियोगिता जैसी चीजें टिकट की कीमतों को प्रभावित करती हैं, लेकिन उड़ान में रुकावट आने पर या कीमतों में भारी उछाल आने पर सरकार दखल देने का पूरा अधिकार रखती है। फिलहाल इन नए नियमों का ड्राफ्ट एक सीलबंद लिफाफे में रखा गया है क्योंकि इस पर अभी और चर्चाएं चल रही हैं।
अगली सुनवाई और मौजूदा स्थिति
इन नए नियमों के पूरी तरह लागू होने से पहले नागरिक उड्डयन मंत्रालय लगातार एयरलाइंस को निर्देश जारी कर रहा है। मंत्रालय एलायंस एयर की 'फेयर से फुर्सत' जैसी योजनाओं को बढ़ावा दे रहा है ताकि लोगों को टिकट के खर्च का पहले से अंदाजा हो सके और वे बजट के हिसाब से यात्रा कर सकें। सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले की अगली सुनवाई के लिए 7 सितंबर 2026 की तारीख तय की है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय जो अक्सर अपने घर आना-जाना करते हैं, उनके लिए यह नियम आगे चलकर हवाई सफर को ज्यादा सुगम और किफायती बना सकता है।