भारत से गल्फ जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ा नियम, 1 सितंबर से बोर्डिंग पास पर नहीं लगेगा स्टैम्प.

भारत से यूएई, सऊदी अरब और कतर समेत अन्य गल्फ देशों की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। 1 सितंबर 2026 से भारत के सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर इमीग्रेशन की प्रक्रिया को बेहद आसान और डिजिटल बना दिया जाएगा। ब्यूरो ऑफ इमीग्रेशन के इस नए नियम के लागू होने के बाद अब यात्रियों को एयरपोर्ट पर अपने बोर्डिंग पास पर फिजिकल स्टैम्प लगवाने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं पड़ेगी। इस बड़े बदलाव से उन लाखों प्रवासियों, कामगारों और परिवारों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा जो अक्सर भारत और गल्फ देशों के बीच यात्रा करते रहते हैं।
डिजिटल बोर्डिंग पास से होगा काम
नए नियमों के तहत अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से सफर करने वाले यात्री एयरलाइंस द्वारा उनके स्मार्टफोन पर जारी किए गए ई-बोर्डिंग पास का इस्तेमाल करके इमीग्रेशन क्लीयरेंस की पूरी प्रक्रिया को पूरा कर सकेंगे। हालांकि पारंपरिक रूप से मिलने वाले प्रिंटेड बोर्डिंग पास भी पूरी तरह से मान्य रहेंगे, लेकिन उन पर अब इमीग्रेशन का कोई मुहर या स्टैम्प नहीं लगाया जाएगा। इस डिजिटल व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट की लाइनों में लगने वाले समय को कम करना और कागज के इस्तेमाल को खत्म करके पूरी प्रक्रिया को तेज बनाना है।
फास्ट ट्रैक यात्रियों के लिए ई-गेट्स की सुविधा
बुरो ऑफ इमीग्रेशन के फास्ट ट्रैक इमीग्रेशन-ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम यानी FTI-TTP के तहत रजिस्टर्ड लोग अब इन ई-बोर्डिंग पास का उपयोग सीधे ई-गेट्स पर कर सकेंगे। हालांकि इस डिजिटल और पेपरलेस बदलाव के बाद भी यात्रियों को अपने साथ अपना मूल पासपोर्ट, वैध वीजा या रेजिडेंस परमिट और अन्य जरूरी ट्रेवल डॉक्यूमेंट्स साथ रखना अनिवार्य होगा। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं।
इन देशों की यात्रा करने वालों को मिलेगी सहूलियत
यह नया नियम भारत के सभी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स पर सख्ती से लागू किया जाएगा। जिन लोगों की उड़ानें दुबई, आबू धाबी, शारजाह, रियाद, जेद्दाह, दोहा, कुवैत सिटी, बहरीन या मस्कट जैसे प्रमुख शहरों के लिए हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे यात्रा के दौरान अपने फोन को पूरी तरह चार्ज रखें और अपना ई-बोर्डिंग पास आसानी से एक्सेस करने के लिए तैयार रखें। भले ही डिजिटल पास अनिवार्य किए जा रहे हैं, लेकिन जिन यात्रियों के पास फिजिकल कॉपी होगी, उन्हें भी वैध माना जाएगा ताकि किसी को सफर के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।