पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और ग्लोबल मार्केट में ईंधन के संकट के बीच भारत अपने पड़ोसियों की मदद के लिए आगे आया है. बांग्लादेश ने भारत सरकार से डीजल की सप्लाई के लिए खास अनुरोध किया है जिस पर विदेश मंत्रालय विचार कर रहा है. भारत ने पहले ही पाइपलाइन के जरिए डीजल की सप्लाई शुरू कर दी है ताकि पड़ोसी देश में बिजली और यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे.

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बांग्लादेश को भारत से कितना डीजल मिल रहा है?

भारत और बांग्लादेश के बीच ईंधन सप्लाई को लेकर हुए समझौते के तहत डीजल की खेप लगातार भेजी जा रही है. पिछले कुछ दिनों में जो सप्लाई हुई है उसकी जानकारी नीचे दी गई है:

  • कुल डिलीवरी: मार्च के महीने में पाइपलाइन के जरिए अब तक 17,000 मीट्रिक टन डीजल भेजा गया.
  • हालिया खेप: 1 अप्रैल को 7,000 मीट्रिक टन डीजल की तीसरी खेप बांग्लादेश पहुंची है.
  • सप्लाई का जरिया: यह डीजल असम की Numaligarh Refinery से फ्रेंडशिप पाइपलाइन के माध्यम से भेजा जा रहा है.
  • अगला लक्ष्य: भारत ने अप्रैल में अतिरिक्त 40,000 टन डीजल देने का प्रस्ताव दिया है जिसे बांग्लादेश ने मान लिया है.

पड़ोसी देशों की मदद पर विदेश मंत्रालय का क्या कहना है?

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ किया है कि भारत सिर्फ बांग्लादेश ही नहीं बल्कि श्रीलंका और मालदीव के अनुरोधों पर भी गौर कर रहा है. सरकार अपनी रिफाइनिंग क्षमता और देश के अंदर तेल की जरूरत को ध्यान में रखकर इन देशों की मदद का फैसला ले रही है. बांग्लादेश में इस समय वैश्विक परिस्थितियों की वजह से तेल की कीमतों में उछाल देखा गया है और लोग डर की वजह से ज्यादा तेल खरीद रहे हैं. भारत की तरफ से होने वाली यह सप्लाई वहां के बाजार में स्थिरता लाने में मदद करेगी.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.