India Trade Deficit: जुलाई में भारत का व्यापार घाटा बढ़कर हुआ 15.03 अरब डॉलर, आयात में आई तेजी.

जुलाई 2026 के महीने में भारत के व्यापार घाटे को लेकर वाणिज्य मंत्रालय ने आधिकारिक आंकड़े जारी किए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश का कुल व्यापार घाटा सालाना आधार पर 31.5% बढ़कर 15.03 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इस दौरान देश में वस्तुओं और सेवाओं का आयात निर्यात के मुकाबले काफी ज्यादा रहा जिसकी वजह से व्यापार घाटे में यह बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार घरेलू बाजार में विदेशी सामानों की मांग लगातार बनी हुई है।
जुलाई महीने में निर्यात और आयात की स्थिति
वाणिज्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार जुलाई के महीने में देश का मर्चेंडाइज यानी वस्तु निर्यात अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। भारतीय निर्यात 19.63% की बढ़त के साथ 44.24 अरब डॉलर रिकॉर्ड किया गया। हालांकि इसके मुकाबले आयात की रफ्तार बहुत तेज रही। जुलाई में मर्चेंडाइज आयात 17.52% बढ़कर 76.22 अरब डॉलर के आंकड़े पर पहुंच गया। इस भारी अंतर की वजह से अकेले जुलाई महीने में वस्तुओं का व्यापार घाटा 31.98 अरब डॉलर दर्ज किया गया। जानकारों का मानना है कि देश के भीतर कच्चे तेल, इलेक्ट्रॉनिक सामान और भारी मशीनरी की मांग बढ़ने से आयात का आंकड़ा लगातार ऊपर जा रहा है। इस पूरी रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी आप ANI News की वेबसाइट पर देख सकते हैं।
अप्रैल से जुलाई के बीच का कुल व्यापार घाटा
चालू वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों यानी अप्रैल से जुलाई की अवधि में स्थिति और ज्यादा व्यापक रही है। इन चार महीनों के दौरान देश का कुल संचयी व्यापार घाटा 52.97% की भारी छलांग लगाकर 49.43 अरब डॉलर हो गया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस चार महीने की अवधि में देश का कुल निर्यात 13.16% बढ़कर 316.42 अरब डॉलर रहा। इसके मुकाबले कुल आयात 17.28% की बढ़ोतरी के साथ 365.85 अरब डॉलर दर्ज किया गया। व्यापार और अर्थव्यवस्था से जुड़ी अन्य ताजा खबरों के लिए आप ANI News Business Category पर विजिट कर सकते हैं। व्यापारिक गतिविधियों के इस पूरे डेटा को समझने के लिए नीचे दी गई तालिका को देखा जा सकता है:
| अवधि (Period) | कुल निर्यात (Total Exports) | कुल आयात (Total Imports) | कुल व्यापार घाटा (Total Trade Deficit) |
|---|---|---|---|
| जुलाई 2026 (July) | $44.24 Billion (Merchandise) | $76.22 Billion (Merchandise) | $15.03 Billion (Overall) |
| अप्रैल - जुलाई 2026-27 (April-July) | $316.42 Billion | $365.85 Billion | $49.43 Billion |
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार देश में कच्चे तेल और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की बढ़ती खपत सीधे तौर पर आयात बिल को प्रभावित कर रही है। व्यापार घाटे से जुड़े विभिन्न विषयों और ताजा अपडेट्स के बारे में अधिक जानने के लिए ANI News Trade Deficit Topic पर जा सकते हैं। सरकार लगातार देश के निर्यात को बढ़ाने और वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की पहुंच को मजबूत करने के लिए नए कदम उठा रही है ताकि आने वाले महीनों में इस बढ़ते व्यापार घाटे को नियंत्रित किया जा सके।