भारत और UAE के बीच व्यापारिक रिश्ते अब एक नए लेवल पर पहुँच गए हैं। दुबई में CEPA समझौते की चौथी सालगिरह मनाई गई, जहाँ दोनों देशों के बड़े कारोबारियों और सरकारी अधिकारियों ने अपनी बढ़ती दोस्ती और व्यापार की कामयाबी पर चर्चा की। इस समझौते की वजह से पिछले चार सालों में दोनों देशों के बीच व्यापार में 37% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।

भारत और UAE के व्यापार में कितनी बढ़ोत्तरी हुई और क्या है नया लक्ष्य

दोनों देशों के बीच व्यापार उम्मीद से कहीं ज्यादा तेज़ी से बढ़ा है। जो लक्ष्य 2030 के लिए रखा गया था, उसे समय से चार साल पहले ही हासिल कर लिया गया। अब सरकार ने इस टारगेट को और बढ़ाकर 200 अरब डॉलर कर दिया है। व्यापार से जुड़ी मुख्य जानकारी नीचे टेबल में दी गई है:

विवरण आंकड़े/जानकारी
कुल द्विपक्षीय व्यापार (2025-26) 101.25 अरब डॉलर
नया व्यापार लक्ष्य (2030 तक) 200 अरब डॉलर
गैर-तेल व्यापार (पिछले साल) 76 अरब डॉलर से अधिक
व्यापार में कुल वृद्धि 37% (चार साल में)
भारत का UAE को निर्यात 37.36 अरब डॉलर
भारत का UAE से आयात 63.89 अरब डॉलर
CEPA के बाद FDI निवेश 9.75 अरब डॉलर
CEPA से पहले FDI निवेश 5.57 अरब डॉलर

CEPA समझौते से आम व्यापारियों और किसानों को क्या फायदा मिला

UAE के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़यौदी और भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि इस समझौते ने छोटे कारोबारियों के लिए रास्ते खोल दिए हैं। इस समझौते के मुख्य फायदे इस प्रकार हैं:

  • टैक्स में छूट: UAE से भारत आने वाले 80% से ज्यादा सामानों पर टैक्स कम कर दिया गया है या पूरी तरह हटा दिया गया है।
  • दवाइयों की मंजूरी: भारतीय फार्मा और मेडिकल प्रोडक्ट्स को अब सिर्फ 90 दिनों के अंदर रेगुलेटरी मंजूरी मिल जाती है।
  • सोने का आयात: सोने की ईंटों के आयात के लिए एक विशेष ड्यूटी रेट सिस्टम लागू किया गया है।
  • किसानों को लाभ: भारतीय किसानों और MSME कारोबारियों के लिए UAE के मार्केट में सामान बेचना अब पहले से आसान हो गया है।

UAE ने भारत के लिए कितने निवेश का वादा किया और आगे की क्या प्लानिंग है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया यात्रा के दौरान UAE ने भारत में 5 अरब डॉलर के नए निवेश का वादा किया है। इसके अलावा दोनों देशों ने तेल स्टोरेज, डिफेंस, और AI क्लस्टर जैसे सात अहम समझौतों पर साइन किए हैं। भारतीय राजदूत डॉ. दीपक मित्तल ने कहा कि अब सहयोग केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्पेस, ग्रीन टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे नए क्षेत्रों में भी फैल रहा है। UAE अब भारत के लिए अफ्रीका और यूरोप के बाजारों तक पहुँचने का एक बड़ा गेटवे बन गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

CEPA समझौता क्या है और यह कब शुरू हुआ?

यह भारत और UAE के बीच एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता है, जो मई 2022 में लागू हुआ था। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच टैक्स कम करना और व्यापारिक बाधाओं को दूर करना है।

भारत और UAE ने व्यापार के लिए क्या नया लक्ष्य रखा है?

दोनों देशों ने अब 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 200 अरब डॉलर तक ले जाने का नया लक्ष्य तय किया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.