भारत और UAE के बीच रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए विदेश सचिव Vikram Misri अबू धाबी पहुंचे। उन्होंने वहां UAE की राज्य मंत्री Reem Al Hashimy से मुलाकात की और दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी पर विस्तार से चर्चा की। इस बैठक का मकसद व्यापार और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बढ़ाना था।
भारत और UAE के बीच किन क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग?
दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा और कनेक्टिविटी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बात की। इसके अलावा डिफेंस, सिक्योरिटी, फिनटेक, स्वास्थ्य, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। विदेश सचिव ने जनवरी और फरवरी 2026 में हुए उच्च स्तरीय दौरों के फैसलों की प्रगति की भी समीक्षा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने इस दौरे की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की।
निवेश और फ्रांस के साथ त्रिपक्षीय बैठक
Vikram Misri ने Mubadala Investment Company के MD और CEO Khaldoon Al Mubarak से मुलाकात की। इस दौरान तकनीक और निवेश में साझेदारी गहरी करने पर चर्चा हुई। साथ ही, भारत, फ्रांस और UAE के बीच एक त्रिपक्षीय बैठक भी हुई जिसमें फ्रांस के सचिव Martin Briens शामिल थे। तीनों देशों ने आपसी साझेदारी के लिए एक तय समय सीमा वाला रोडमैप तैयार किया है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और पश्चिम एशिया की स्थिति
बैठक में पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात और अन्य वैश्विक मुद्दों पर भी विचार साझा किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही UAE के फुजैराह में हुए हमलों की निंदा की थी जिसमें तीन भारतीय नागरिक घायल हुए थे। उन्होंने कहा था कि आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना गलत है। साथ ही उन्होंने Strait of Hormuz में सुरक्षित आवाजाही को क्षेत्रीय शांति और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए जरूरी बताया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विदेश सचिव Vikram Misri की UAE यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और UAE की व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करना और व्यापार, निवेश व सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में नए सहयोग की पहचान करना था।
भारत, UAE और फ्रांस के बीच क्या सहमति बनी?
तीनों देशों ने अपनी साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई और एक स्ट्रक्चर्ड रोडमैप तैयार किया है जिसमें काम पूरा करने की समय सीमा तय की गई है।