प्रधानमंत्री Narendra Modi की UAE यात्रा बेहद कामयाब रही। दोनों देशों ने डिफेंस, एनर्जी और शिपिंग जैसे बड़े सेक्टर में हाथ मिलाया है। इस यात्रा के दौरान कई अहम समझौतों पर साइन हुए हैं, जिससे भारत और UAE के रिश्ते और भी गहरे होंगे।
डिफेंस और एनर्जी सेक्टर में क्या-क्या हुआ?
दोनों देशों ने सुरक्षा और ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े फैसले लिए हैं। Defence के लिए एक नया फ्रेमवर्क तैयार किया गया है, जिसमें नई टेक्नोलॉजी, ट्रेनिंग, समुद्री सुरक्षा और साइबर डिफेंस पर मिलकर काम होगा। Energy के क्षेत्र में ISPRL और ADNOC के बीच समझौता हुआ है, जिससे भारत के Strategic Petroleum Reserves में UAE की हिस्सेदारी बढ़ाकर 30 मिलियन बैरल की जाएगी। साथ ही, भारत में स्ट्रैटेजिक गैस रिजर्व बनाने पर भी सहमति बनी है। इसके अलावा, IOCL और ADNOC ने लंबे समय तक LPG सप्लाई के लिए एक और समझौता किया है।
शिपिंग और सुपरकंप्यूटिंग में क्या नया होगा?
शिपिंग के क्षेत्र में Cochin Shipyard और Drydocks World मिलकर गुजरात के Vadinar में शिप रिपेयर क्लस्टर बनाएंगे। इसके साथ ही CEMS के साथ मिलकर एक समझौता किया गया है ताकि जहाजों की मरम्मत के क्षेत्र में युवाओं को ट्रेनिंग दी जा सके और भारत को इस काम का बड़ा हब बनाया जा सके। टेक्नोलॉजी के मोर्चे पर G42 Group, Mohamed bin Zayed University और C-DAC मिलकर भारत में 8-exaflop सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर लगाएंगे।
UAE से भारत में कितना निवेश आएगा?
UAE सरकार ने भारत में कुल 5 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान किया है। इस निवेश के जरिए कई बड़ी कंपनियों ने भारतीय वित्तीय संस्थाओं में अपनी हिस्सेदारी खरीदी है।
| कंपनी/संस्था | निवेश या डील की जानकारी |
|---|---|
| Emirates NBD | RBL Bank में 60% हिस्सेदारी खरीदी |
| ADIA | India के NIIF में निवेश किया |
| IHC | Sammaan Capital में इक्विटी हिस्सेदारी ली |
| G42 Group और C-DAC | 8-exaflop सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर की स्थापना |
| कुल निवेश | 5 अरब डॉलर |
Frequently Asked Questions (FAQs)
भारत और UAE के बीच डिफेंस डील में क्या खास है?
इस डील के तहत दोनों देश नई टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा और समुद्री सुरक्षा पर मिलकर काम करेंगे और औद्योगिक सहयोग को बढ़ाएंगे।
शिपिंग समझौते से भारत को क्या फायदा होगा?
गुजरात के Vadinar में शिप रिपेयर क्लस्टर बनेगा, जिससे भारत जहाजों की मरम्मत का एक अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनेगा और पेशेवरों के लिए नए मौके खुलेंगे।
