प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई 2026 तक UAE और यूरोप के कई देशों के दौरे पर रहे. इस यात्रा का मुख्य मकसद भारत के लिए तेल के नए रास्ते खोजना और व्यापार को बढ़ाना था. इस कदम से दुनिया में होने वाली उथल-पुथल के बीच भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित कर सकेगा और वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करेगा.
UAE के साथ तेल और निवेश की क्या डील हुई?
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, UAE दौरे के दौरान कई अहम फैसले लिए गए. इनमें सबसे प्रमुख भारतीय स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड (ISPRL) और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) के बीच हुआ समझौता है. इस डील की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- तेल स्टोरेज: UAE भारत के विशाखापत्तनम और ओडिशा के चांडिकोल स्थित केंद्रों में 30 मिलियन बैरल कच्चा तेल स्टोर करेगा.
- इस्तेमाल का अधिकार: इस तेल का मालिकाना हक UAE के पास ही रहेगा, लेकिन किसी इमरजेंसी के समय भारत इसका इस्तेमाल कर सकेगा.
- बदले में सुविधा: भारत भी पोर्ट फुजैरह में स्टोरेज की सुविधा प्रदान करेगा.
- बड़ा निवेश: UAE भारत में 5 अरब डॉलर का विकास निवेश करेगा.
- सुरक्षा समझौता: दोनों देशों के बीच एक रणनीतिक रक्षा साझेदारी (Strategic Defence Partnership) भी की गई.
इसके अलावा, पीएम मोदी ने UAE पर हुए हमलों की निंदा की और शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से बिना किसी रुकावट के आवाजाही पर जोर दिया.
यूरोप और नॉर्डिक देशों के साथ व्यापार के क्या फायदे होंगे?
पीएम मोदी ने नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का भी दौरा किया. इस दौरान व्यापार और टेक्नोलॉजी को लेकर कई बड़ी बातें हुईं. भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) हाल ही में पूरा हो चुका है, जिससे व्यापार आसान होगा.
विशेष रूप से इंडिया-EFTA व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) पर ध्यान दिया गया, जो 1 अक्टूबर से प्रभावी होगा. इस समझौते से अगले 15 सालों में भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश आने और 10 लाख प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है. नॉर्वे में हुए तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट में ग्रीन एनर्जी, ब्लू इकोनॉमी, स्पेस और टेक्नोलॉजी पर चर्चा हुई.
पीएम मोदी के पांच देशों के दौरे का पूरा विवरण
प्रधानमंत्री का यह दौरा बहुत व्यस्त रहा, जिसकी जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:
| तारीख | देश | मुख्य उद्देश्य/कार्यक्रम |
|---|---|---|
| 15 मई 2026 | UAE | राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात और ऊर्जा डील |
| 15-17 मई 2026 | नीदरलैंड | बहुआयामी साझेदारी को विस्तार देना |
| 17-18 मई 2026 | स्वीडन | गोटेबोर्ग का दौरा और द्विपक्षीय चर्चा |
| 18-19 मई 2026 | नॉर्वे | ऑस्लो में तीसरा इंडिया-नॉर्डिक समिट |
| 19-20 मई 2026 | इटली | द्विपक्षीय बातचीत और व्यापारिक चर्चा |
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE और भारत के तेल समझौते का क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि UAE भारत की सुविधाओं में 30 मिलियन बैरल तेल रखेगा. इमरजेंसी होने पर भारत इस तेल का इस्तेमाल कर सकेगा, जिससे ऊर्जा संकट का खतरा कम होगा.
इंडिया-EFTA समझौते से भारत को क्या लाभ होगा?
इस समझौते से अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आएगा और लगभग 10 लाख नई नौकरियां पैदा होंगी.
