भारत और यूएई के बीच हवाई यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ी खबर है. हालांकि फ्लाइट्स धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं, लेकिन टिकटों की कीमतें काफी बढ़ गई हैं. इस समय यात्रियों को सामान्य दिनों के मुकाबले 30 से 35 प्रतिशत ज्यादा पैसे चुकाने पड़ रहे हैं, जिससे आम प्रवासियों की जेब पर बोझ बढ़ गया है.

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टिकट महंगे होने की मुख्य वजह क्या है?

ट्रैवल एजेंट्स के मुताबिक, किराए में इस बढ़ोतरी के पीछे कई बड़े कारण हैं. सबसे बड़ा कारण ईंधन की कीमतों में हुआ इजाफा है. इसके अलावा, उड़ानों की सीमित उपलब्धता और यात्रियों की भारी मांग ने भी कीमतों को ऊपर धकेल दिया है. मध्य पूर्व में जारी तनाव की वजह से एयरलाइंस को लंबे और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जिससे उनकी परिचालन लागत बढ़ गई है.

किरायों और खर्चों का विवरण नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है:

विवरण जानकारी/कीमत
औसत किराया बढ़ोतरी 30 से 35 प्रतिशत
पुराना एकतरफा किराया 300 से 400 दिरहम
वर्तमान एकतरफा किराया 1300 से 1800 दिरहम
कोच्चि वापसी टिकट Dh4,114 तक
ईंधन कीमत (फरवरी) $99.40 प्रति बैरल
ईंधन कीमत (मार्च) $195.19 प्रति बैरल
विदेशी वाहक उड़ान सीमा एक दिन में केवल एक उड़ान (DXB/DWC)

सरकारी नियम और उड़ानों की ताज़ा स्थिति क्या है?

यूएई हवाईअड्डा प्राधिकरण ने 20 अप्रैल से 31 मई, 2026 तक दुबई इंटरनेशनल (DXB) और दुबई वर्ल्ड सेंट्रल (DWC) पर विदेशी एयरलाइंस के लिए एक दिन में केवल एक उड़ान की अनुमति दी है. हालांकि, अमीरात और फ्लाईदुबई जैसी यूएई आधारित एयरलाइंस पहले की तरह ही उड़ानें संचालित कर रही हैं.

वहीं, भारत के नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 23 मार्च, 2026 से घरेलू हवाई किराए पर लगी अस्थायी कैप हटा दी है. अब एयरलाइंस अपनी मर्जी से मांग और आपूर्ति के आधार पर कीमतें तय कर रही हैं. डीजीसीए ने भी रूट बदलने के कारण एयर इंडिया के पायलटों की ड्यूटी समय सीमा में 30 अप्रैल तक अस्थायी छूट दी है. भारत के महावाणिज्य दूतावास, दुबई ने पहले ही जानकारी दी थी कि क्षेत्रीय स्थिति के कारण कुछ कमर्शियल फ्लाइट्स प्रभावित हुई थीं, जिसके चलते फंसे हुए यात्रियों के लिए विशेष उड़ानें चलाई गई थीं.

  • वीज़ा राहत: यूएई अधिकारियों ने हवाई क्षेत्र बंद होने से प्रभावित लोगों के लिए वीज़ा जुर्माना माफ किया और वीज़ा की अवधि बढ़ा दी.
  • होटल नियम: प्रभावित यात्रियों के लिए होटलों को मूल शर्तों पर रहने की अवधि बढ़ाने का निर्देश दिया गया था.
  • एयरलाइंस: एयर इंडिया, इंडिगो, अमीरात और फ्लाईदुबई जैसे प्रमुख वाहक अभी भी इन रूटों पर सक्रिय हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

भारत-यूएई फ्लाइट्स के टिकट इतने महंगे क्यों हो गए हैं?

किराए बढ़ने की मुख्य वजह जेट ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी, उड़ानों की सीमित उपलब्धता और मध्य पूर्व में तनाव के कारण लंबे वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करना है.

क्या हवाई किराए पर कोई सरकारी नियंत्रण है?

भारतीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 23 मार्च, 2026 से किराए की अस्थायी कैप हटा दी है, जिससे अब एयरलाइंस बाजार की मांग के हिसाब से कीमतें तय कर रही हैं.