भारत के विदेश सचिव Vikram Misri ने UAE का आधिकारिक दौरा किया है। इस दौरान उन्होंने UAE की मंत्री Reem Al Hashimy के साथ मिलकर दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। दोनों देशों ने व्यापार, सुरक्षा और निवेश जैसे कई अहम मुद्दों पर नए प्लान तैयार किए हैं ताकि भविष्य में दोनों देशों को फायदा हो सके।
भारत और UAE के बीच किन बातों पर हुई चर्चा?
विदेश सचिव Vikram Misri और मंत्री Reem Al Hashimy ने दोनों देशों के बीच चल रहे सहयोग की पूरी समीक्षा की। उन्होंने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, डिफेंस और सिक्योरिटी के साथ-साथ हेल्थ और एजुकेशन जैसे क्षेत्रों में काम करने पर बात की। साथ ही, पश्चिम एशिया (West Asia) में चल रही स्थितियों और दुनिया के अन्य मुद्दों पर भी विचार साझा किए गए।
- व्यापार और निवेश: आर्थिक रिश्तों को और बेहतर बनाने और निवेश बढ़ाने पर जोर दिया गया।
- सुरक्षा और डिफेंस: रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और सुरक्षा इंतजामों पर चर्चा हुई।
- कनेक्टिविटी और फिनटेक: डिजिटल पेमेंट और यात्रा सुविधाओं को और आसान बनाने की बात हुई।
- पीपल टू पीपल कनेक्शन: दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान दिया गया।
फ्रांस के साथ त्रिपक्षीय बैठक और Mubadala निवेश पर अपडेट
दौरे के दौरान एक खास मीटिंग हुई जिसमें भारत, UAE और फ्रांस के प्रतिनिधि शामिल थे। इस बैठक में तीनों देशों ने एक रोडमैप तैयार किया है जिसके जरिए भविष्य में तय समय सीमा के भीतर मिलकर काम किया जाएगा। इसके अलावा, Vikram Misri ने Mubadala Investment Company के CEO Khaldoon Al Mubarak से भी मुलाकात की, जिसमें तकनीक और निवेश के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर बातचीत हुई।
फुजैरह हमले पर पीएम मोदी का बयान
इसी हफ्ते प्रधानमंत्री Narendra Modi ने UAE के फुजैरह (Fujairah) में हुए हमलों की कड़ी निंदा की। इस हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए थे। पीएम मोदी ने साफ कहा कि आम लोगों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना गलत है। उन्होंने इस मुश्किल समय में UAE के प्रति भारत की एकजुटता जताई और बातचीत के जरिए समस्या सुलझाने का समर्थन किया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने UAE का दौरा कब किया?
विदेश सचिव Vikram Misri ने 7 मई 2026 को UAE का आधिकारिक दौरा किया और वहां के अधिकारियों के साथ रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा की।
भारत और UAE के बीच किन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा?
दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा, डिफेंस, सिक्योरिटी, फिनटेक, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा।