भारत और UAE के बीच ऊर्जा क्षेत्र में एक बहुत बड़ा समझौता हुआ है। अबू धाबी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की मुलाकात के बाद यह फैसला लिया गया। अब UAE अपना 30 मिलियन बैरल कच्चा तेल भारत के स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) में रखेगा।
भारत और UAE के बीच तेल समझौते की मुख्य बातें क्या हैं?
- भारतीय स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड (ISPRL) और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) के बीच यह समझौता हुआ है।
- विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने पुष्टि की कि इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और मजबूत होगी।
- दोनों देश अब भारत में रणनीतिक गैस रिजर्व बनाने पर भी मिलकर काम करेंगे।
- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) और ADNOC के बीच लंबे समय तक LPG सप्लाई के लिए एक अलग व्यवस्था की गई है।
- यह समझौता 2018 की पुरानी डील का विस्तार है, जिसमें ADNOC ने मंगलुरु फैसिलिटी में 5 मिलियन बैरल तेल रखा था।
सुरक्षा और निवेश को लेकर क्या नए फैसले हुए?
- दोनों देशों ने डिफेंस इंडस्ट्रियल सहयोग और नई टेक्नोलॉजी के लिए एक स्ट्रैटेजिक डिफेंस पार्टनरशिप फ्रेमवर्क पर साइन किए हैं।
- UAE ने भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर, फाइनेंस और बैंकिंग सेक्टर (जैसे RBL Bank) में कुल 5 अरब डॉलर (USD 5 billion) के निवेश का वादा किया है।
- प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में हो रहे तनाव और हालिया हमलों की निंदा की और UAE को भारत के समर्थन का भरोसा दिया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE कितना तेल भारत में स्टोर करेगा?
UAE अब भारत के स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व में 30 मिलियन बैरल कच्चा तेल स्टोर करेगा। यह समझौता ISPRL और ADNOC के बीच हुआ है।
तेल के अलावा और किन क्षेत्रों में निवेश होगा?
UAE भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और बैंकिंग सेक्टर जैसे RBL Bank में 5 अरब डॉलर का निवेश करेगा। साथ ही दोनों देश डिफेंस पार्टनरशिप पर भी काम करेंगे।
