भारत और UAE के बीच व्यापारिक रिश्ते अब एक नई ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की UAE यात्रा से पहले भारतीय राजदूत दीपक मित्तल ने एक बड़ी जानकारी साझा की है। दोनों देशों के बीच व्यापार लगातार दूसरे साल 100 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है, जो CEPA समझौते की बड़ी सफलता है।

CEPA समझौते का व्यापार पर क्या असर हुआ?

CEPA यानी Comprehensive Economic Partnership Agreement को मई 2022 में लागू किया गया था। इस समझौते की वजह से भारत और UAE के बीच व्यापार और निवेश में भारी बढ़ोतरी हुई है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि इससे छोटे व्यापारियों (MSME), किसानों और निर्यातकों के लिए नए मौके खुले हैं। यह समझौता भारत के लिए अफ्रीका और अन्य खाड़ी देशों तक पहुंचने का एक रास्ता भी है।

व्यापार के आंकड़े और आने वाले लक्ष्य क्या हैं?

भारत और UAE के बीच व्यापार के आंकड़ों में लगातार बढ़त देखी गई है। साल 2024-2025 में यह आंकड़ा 100.03 अरब डॉलर था, जो 2025-2026 में बढ़कर 101.25 अरब डॉलर हो गया। अब दोनों देशों ने मिलकर इसे 2032 तक दोगुना करने की योजना बनाई है।

विवरण जानकारी और आंकड़ा
व्यापार (2024-2025) 100.03 अरब डॉलर
व्यापार (2025-2026) 101.25 अरब डॉलर
भविष्य का लक्ष्य (2032) 200 अरब डॉलर
CEPA लागू होने की तारीख 1 मई 2022
द्विपक्षीय निवेश संधि 2024 में साइन हुई
मुख्य क्षेत्र रत्न, आभूषण, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और खेती
पेमेंट सिस्टम UPI का इस्तेमाल

आम कारोबारियों और प्रवासियों के लिए क्या है खास?

इस व्यापारिक बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा फायदा रत्न, आभूषण और इलेक्ट्रॉनिक्स के कारोबारियों को मिल रहा है। भारत के UPI सिस्टम ने पैसों के लेनदेन को आसान बना दिया है, जिससे आर्थिक रिश्ते और मजबूत हुए हैं। यह प्रगति उन भारतीयों के लिए भी अच्छी खबर है जो UAE में रहकर व्यापार करते हैं या भारत से सामान भेजते हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

CEPA क्या है और यह कब शुरू हुआ?

यह भारत और UAE के बीच एक व्यापार समझौता है, जो 1 मई 2022 से लागू हुआ था। इसका मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को कम करना है।

भविष्य के लिए व्यापार का क्या लक्ष्य रखा गया है?

भारत और UAE ने साल 2032 तक आपसी व्यापार को बढ़ाकर 200 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा है।