भारत और UAE की दोस्ती अब नए लेवल पर पहुंच गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की UAE यात्रा के बाद दोनों देशों ने व्यापार और ऊर्जा को लेकर कई बड़े फैसले लिए हैं। अब आने वाले सालों में भारत और UAE के बीच लेन-देन और निवेश में भारी बढ़ोतरी होगी जिससे दोनों देशों को फायदा मिलेगा।
भारत और UAE के बीच व्यापार और निवेश का क्या हिसाब है?
दोनों देशों ने व्यापार को बढ़ाने के लिए एक बड़ा लक्ष्य तय किया है। सरकारी जानकारी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच व्यापार 101.25 अरब डॉलर पार कर गया है। अब कोशिश है कि इसे 2032 तक बढ़ाकर 200 अरब डॉलर कर दिया जाए।
| विवरण | आंकड़ा / रैंक |
|---|---|
| व्यापार (FY 2025-26) | 101.25 अरब डॉलर |
| व्यापार लक्ष्य (2032 तक) | 200 अरब डॉलर |
| UAE का भारत में निवेश (FDI) | 25.19 अरब डॉलर |
| क्रूड ऑयल सप्लाई रैंक | चौथा सबसे बड़ा स्रोत |
| LNG सप्लाई रैंक | तीसरा सबसे बड़ा स्रोत |
| LPG सप्लाई रैंक | सबसे बड़ा सप्लायर |
| पेट्रोलियम प्रोडक्ट एक्सपोर्ट रैंक | दूसरा सबसे बड़ा गंतव्य |
ऊर्जा और तकनीक में कौन से नए समझौते हुए हैं?
ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ISPRL और ADNOC के बीच एक समझौता हुआ है। इससे तेल और गैस के भंडारण की क्षमता बढ़ेगी। साथ ही IOCL और ADNOC ने लंबे समय तक LPG सप्लाई के लिए हाथ मिलाया है।
- शिप रिपेयर: गुजरात के Vadinar में एक शिप रिपेयर क्लस्टर बनाया जाएगा, जिसमें Cochin Shipyard Limited और Drydocks World मिलकर काम करेंगे।
- सुपरकंप्यूटिंग: CDAC और G42 के बीच 8 exaflop सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर के लिए सहमति बनी है।
- बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर: UAE भारत के बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में और ज्यादा निवेश करेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भारत और UAE के बीच व्यापार का नया लक्ष्य क्या है?
दोनों देशों ने साल 2032 तक अपने आपसी व्यापार को बढ़ाकर 200 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा है।
ऊर्जा के क्षेत्र में कौन से बड़े कदम उठाए गए हैं?
ISPRL और ADNOC के बीच स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व के लिए समझौता हुआ है और IOCL ने ADNOC के साथ LPG सप्लाई के लिए करार किया है।
