भारत और अमेरिका मिलकर परमाणु ऊर्जा (Nuclear Energy) के क्षेत्र में कुछ बहुत बड़ा करने जा रहे हैं। अमेरिका के राजदूत Sergio Gor ने साफ किया है कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच इस सेक्टर में बड़ी साझेदारी होगी। हाल ही में अमेरिकी कंपनियों का एक बड़ा दल भारत आया था, जिसने मुंबई और दिल्ली में बड़े नेताओं से मुलाकात की ताकि भविष्य की योजनाओं पर बात हो सके।

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SHANTI Act और निवेश के नए नियम क्या हैं?

भारत सरकार ने दिसंबर 2025 में SHANTI Act पास किया है, जिसने पुराने परमाणु ऊर्जा नियमों को पूरी तरह बदल दिया है। इस नए कानून की वजह से अब प्राइवेट कंपनियां भी परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में काम कर सकेंगी। पहले ग्लोबल कंपनियों के लिए कुछ कानूनी दिक्कतें थीं, जिन्हें अब दूर कर दिया गया है। साथ ही, विदेशी निवेश (FDI) की सीमा को बढ़ाकर 49% कर दिया गया है, जिससे अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत में पैसा लगाना आसान हो गया है।

महाराष्ट्र में क्या खास होगा और SMR क्या है?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने अमेरिकी कंपनियों को अपने राज्य में निवेश करने का न्योता दिया है। महाराष्ट्र ने पहले ही 25,000 MW क्षमता के परमाणु प्रोजेक्ट्स के लिए चार समझौते किए हैं। अब खास तौर पर Small Modular Reactors (SMR) पर जोर दिया जा रहा है। ये छोटे परमाणु रिएक्टर होते हैं जिन्हें लगाना आसान है और इन्हें पुराने कोयला पावर प्लांट की जगह पर भी सेट किया जा सकता है। AI और डेटा सेंटर जैसे नए उद्योगों की वजह से बिजली की मांग बढ़ रही है, जिसे पूरा करने के लिए ये रिएक्टर मददगार होंगे।

परमाणु ऊर्जा क्षेत्र का भविष्य और आंकड़े

भारत सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक देश में 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल की जाए। वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने भी अमेरिकी कंपनियों को भारत में लंबी साझेदारी के लिए आमंत्रित किया है। इस सेक्टर में निवेश की संभावनाएं बहुत ज्यादा हैं।

विवरण जानकारी/आंकड़ा
परमाणु ऊर्जा लक्ष्य (2047 तक) 100 गीगावाट
अनुमानित बाजार मूल्य 280 से 300 अरब डॉलर
विदेशी निवेश (FDI) सीमा 49% तक
महाराष्ट्र प्रोजेक्ट क्षमता 25,000 MW (4 समझौते)
नया कानून SHANTI Act, 2025

Frequently Asked Questions (FAQs)

SHANTI Act क्या है और इससे क्या फायदा होगा?

यह दिसंबर 2025 में पास हुआ एक कानून है जिसने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को प्राइवेट कंपनियों के लिए खोल दिया है। इससे विदेशी निवेश बढ़ेगा और देश में क्लीन एनर्जी का उत्पादन तेज होगा।

SMR तकनीक क्या है और यह क्यों जरूरी है?

SMR का मतलब Small Modular Reactors है। ये छोटे और सुरक्षित रिएक्टर होते हैं जिन्हें आसानी से कहीं भी लगाया जा सकता है, जिससे बिजली की लगातार सप्लाई बनी रहती है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com