भारत-अमेरिका टैरिफ विवाद पर व्हाइट हाउस का बड़ा बयान, पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप निकालेंगे रास्ता

Praggya Singh sabal11 August 20262 min read69 viewsIndia
भारत-अमेरिका टैरिफ विवाद पर व्हाइट हाउस का बड़ा बयान, पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप निकालेंगे रास्ता

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और टैरिफ को लेकर चल रहे तनाव के बीच व्हाइट हाउस से एक बड़ा बयान सामने आया है। व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दोनों देशों के बीच चल रहे मतभेदों को सीधे बातचीत के जरिए सुलझा लेंगे। उन्होंने दोनों शीर्ष नेताओं के बीच अच्छे कामकाजी संबंधों का हवाला देते हुए यह स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले को लेकर अंतिम फैसला दोनों नेता मिलकर ही तय करेंगे। यह जानकारी हाल ही में वॉशिंगटन में पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान सामने आई है।

रूस से तेल खरीद और प्रस्तावित टैरिफ पर चर्चा

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पीटर नवारो से रूस से भारत की तेल खरीद और प्रस्तावित अमेरिकी टैरिफ के बारे में सवाल पूछे गए थे। इसके जवाब में उन्होंने दोहराया कि ट्रंप और मोदी के बीच बेहतर संबंध हैं और दोनों नेता इस मामले को आपस में आसानी से सुलझा लेंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी संसद में रूस से ऊर्जा खरीद करने वाले देशों पर कड़े शुल्क लगाने से जुड़ा कानून काफी चर्चा में बना हुआ है। दिवंगत रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम से जुड़े इस नए प्रस्ताव के तहत कुछ खास परिस्थितियों में रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का बड़ा प्रावधान किया गया है।

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यूक्रेन युद्ध के बाद बढ़ी रूसी तेल की खरीद

पीटर नवारो ने भारत की रूस से तेल खरीद को लेकर अपने पुराने लेख का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से भारत की रूसी तेल खरीद में काफी तेजी आई है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रूस से खरीदे गए तेल से जुड़े उत्पादों की बिक्री के जरिए भारत के व्यापार से रूस को फायदा पहुंचा है। हालांकि, इस बातचीत के दौरान नवारो ने अपने इन आरोपों के समर्थन में मीडिया के सामने कोई भी ठोस आंकड़ा पेश नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित मुद्दा अब सुलझ चुका है, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह असल में किस पहलू के समाधान की बात कर रहे थे।

अमेरिकी सीनेट में पारित हुआ नया विधेयक

वास्तव में अमेरिकी सीनेट ने पिछले सप्ताह लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट, 2026 को 86-11 मतों से अपनी मंजूरी दी थी। इस नए विधेयक में रूस के तेल और गैस के पांच सबसे बड़े खरीदारों तथा प्रतिबंधों से बचने में शामिल पांच प्रमुख देशों से आने वाले सामान पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का कड़ा प्रावधान किया गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि इस विधेयक में भारत को स्वतः टैरिफ लगाने वाले देशों की सूची में सीधे तौर पर नामित नहीं किया गया है। ऐसे में भारत पर संभावित शुल्क का अंतिम स्वरूप और उसका असर आगे होने वाली भारत-अमेरिका द्विपक्षीय वार्ता तथा अमेरिकी प्रशासन के आगामी फैसलों पर पूरी तरह निर्भर करेगा।

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