भारत और अमेरिका ने वॉशिंगटन में द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को लेकर अहम बैठक की है। दोनों देशों के बीच बातचीत काफी सकारात्मक रही और कोशिश है कि 2030 तक आपसी व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुँचाया जाए। इस बैठक में डिजिटल ट्रेड और बाजार तक पहुँच जैसे बड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
2030 तक व्यापार का लक्ष्य और मुख्य अधिकारी
भारतीय टीम का नेतृत्व कॉमर्स विभाग के एडिशनल सेक्रेटरी दर्पण जैन ने किया। वहीं अमेरिकी टीम की कमान ब्रेंडन लिंच के हाथों में थी। साल 2024 में दोनों देशों के बीच करीब 212 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था, जिसे अब दोगुने से ज्यादा बढ़ाकर 500 अरब डॉलर करने की तैयारी है।
टैक्स और नए नियमों का असर
अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद ट्रंप सरकार ने सभी देशों पर 10% फ्लैट टैरिफ लगा दिया है। इस वजह से पुराने व्यापार समझौते के ढांचे को बदलना पड़ा। भारत की कोशिश है कि अमेरिकी सामानों पर लगने वाला टैक्स 50% से घटाकर 18% किया जाए और रूसी तेल खरीदने पर लगा 25% जुर्माना हटाया जाए।
बाजार और निवेश से जुड़ी अन्य बातें
बैठक में डिजिटल ट्रेड, निवेश और कस्टम नियमों को आसान बनाने पर बात हुई। अमेरिका ने अपने खेती के बाजार को बचाने की बात कही है, वहीं भारत ने अमेरिकी जांच (Section 301) को खत्म करने की मांग की है। खबर यह भी है कि 2025-26 में चीन, अमेरिका को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| व्यापार लक्ष्य (2030) | 500 अरब डॉलर |
| व्यापार (2024) | 212 अरब डॉलर |
| प्रस्तावित टैक्स कटौती | 50% से 18% |
| फ्लैट अमेरिकी टैरिफ | 10% |
| रूसी तेल पेनल्टी टैक्स | 25% |
| बैठक की तारीख | 20 से 23 अप्रैल, 2026 |
