भारत और वियतनाम के बीच रक्षा रिश्तों को एक नई ऊंचाई मिली है। रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने वियतनाम के दौरे पर वहां के रक्षा मंत्री Phan Van Giang से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा और डिफेंस इंडस्ट्री में मिलकर काम करने का फैसला किया है ताकि इलाके में स्थिरता बनी रहे।

भारत और वियतनाम के बीच किन बातों पर हुई चर्चा

रक्षा मंत्री Rajnath Singh और वियतनाम के रक्षा मंत्री Phan Van Giang के बीच मंगलवार, 19 मई 2026 को हनोई में एक खास बैठक हुई। इस मुलाकात में मुख्य रूप से इन मुद्दों पर बात हुई:

  • समुद्री सुरक्षा: समुद्र में सुरक्षा बढ़ाने और आपसी तालमेल बेहतर करने पर चर्चा हुई।
  • डिफेंस इंडस्ट्री: रक्षा उपकरणों और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
  • ट्रेनिंग: दोनों देशों की सेनाओं के बीच ट्रेनिंग प्रोग्राम को और मजबूत किया जाएगा।
  • रणनीतिक साझेदारी: भारत और वियतनाम ने अपने रिश्तों को ‘Enhanced Comprehensive Strategic Partnership’ में बदल दिया है।

दौरे के दौरान क्या खास रहा और कौन से समझौते हुए

इस दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए जो आने वाले समय में दोनों देशों के लिए फायदेमंद होंगे। राजनाथ सिंह ने बताया कि यह दौरा वियतनाम के पूर्व राष्ट्रपति Ho Chi Minh की 136वीं जयंती के समय हुआ, जिन्होंने 1958 में भारत का दौरा किया था।

बैठक के दौरान निम्नलिखित मुख्य काम हुए:

  • नई लैब का उद्घाटन: दोनों मंत्रियों ने Vietnam Air Force Officer College में एक Language Laboratory का उद्घाटन किया।
  • तकनीकी समझौता: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक समझौता ज्ञापन (MoU) साइन किया गया।
  • MAHASAGAR विजन: भारत ने वियतनाम के साथ अपने MAHASAGAR विजन के तहत काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
  • नई जिम्मेदारी: राजनाथ सिंह ने General Phan Van Giang को वियतनाम के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री नियुक्त होने पर बधाई दी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

भारत और वियतनाम के बीच कौन से नए तकनीकी समझौते हुए हैं?

दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) साइन किया है।

Rajnath Singh के वियतनाम दौरे का मुख्य उद्देश्य क्या था?

इस दौरे का उद्देश्य रक्षा साझेदारी की समीक्षा करना और समुद्री सुरक्षा, डिफेंस इंडस्ट्री और ट्रेनिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करना था।