पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच एक बड़ी खबर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध विराम (ceasefire) को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया है। भारत ने इस फैसले का स्वागत किया है क्योंकि नई दिल्ली हमेशा से इस क्षेत्र में शांति और बातचीत के पक्ष में रही है। हालांकि, इस बीच ईरान ने भारत के मुंद्रा पोर्ट जाने वाले एक जहाज़ को जब्त कर लिया है।

भारत ने ceasefire का स्वागत क्यों किया?

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत हमेशा शांति और बातचीत का समर्थन करता है। भारत चाहता है कि पश्चिम एशिया में स्थिरता आए ताकि युद्ध खत्म हो सके। भारत के लिए सबसे ज़रूरी यह है कि Strait of Hormuz के ज़रिए होने वाला व्यापार और जहाजों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के चलती रहे, क्योंकि इससे पूरी दुनिया के व्यापार पर असर पड़ता है।

अमेरिका और ईरान के बीच क्या चल रहा है?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बातचीत के लिए और समय देने के लिए युद्ध विराम बढ़ाया है। लेकिन ट्रंप ने यह भी साफ़ किया है कि अमेरिकी सेना ईरान की नाकेबंदी (Blockade) जारी रखेगी। दूसरी तरफ, ईरान ने इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता में शामिल होने से मना कर दिया है। ईरान की मांग है कि पहले अमेरिका उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी हटाए, तभी बातचीत आगे बढ़ेगी।

भारत और अन्य देशों पर इसका क्या असर होगा?

तनाव अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। 22 अप्रैल को ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दो कंटेनर जहाज़ों को जब्त किया है, जिनमें से एक भारत के Mundra Port जा रहा था। इस घटना से व्यापारिक चिंताएं बढ़ गई हैं। वहीं, शांति वार्ता के लिए अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance का इस्लामाबाद जाने का प्रोग्राम भी अनिश्चित काल के लिए रद्द कर दिया गया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.