भारत सरकार ने 10 जुलाई 2026 से यमन के लिए साल 2017 में लगाई गई विशेष यात्रा पाबंदियों को खत्म कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में सरकारी गजट अधिसूचना संख्या 3760 (E) जारी की है, जिसके जरिए 3 अक्टूबर 2017 के पुराने आदेश को वापस ले लिया गया है। उस समय सुरक्षा के हालातों को देखते हुए पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 19(d) के तहत ये सख्त नियम लागू किए गए थे।
यात्रा को लेकर मंत्रालय की सलाह
कानूनी पाबंदियां हटाने के बावजूद विदेश मंत्रालय ने सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि वे अभी भी यमन की गैर-जरूरी यात्रा से बचें। मंत्रालय का कहना है कि यमन के हालात पहले से बदले हैं लेकिन वहां अभी भी सुरक्षा की स्थिति नाजुक बनी हुई है। यदि यात्रा करना बहुत जरूरी हो, तो भारतीयों को स्थानीय सुरक्षा हालातों की पूरी जांच करने और संघर्ष वाले इलाकों से दूर रहने को कहा गया है।
प्रवासियों के लिए जरूरी निर्देश
विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव BS Mubarak द्वारा हस्ताक्षरित इस अधिसूचना में यमन में रह रहे भारतीयों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, उन्हें हिदायत दी गई है कि वे अपनी आवाजाही को सीमित रखें। आपातकालीन स्थिति में मदद पाने और संपर्क बनाए रखने के लिए यमन में मौजूद या वहां जाने की योजना बना रहे सभी भारतीयों को रियाद स्थित भारतीय दूतावास में अपना पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है।
