भारत में थोक महंगाई यानी WPI एक बार फिर बढ़ने वाली है। Bank of Baroda की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव की वजह से कच्चे तेल और मेटल की कीमतें बढ़ गई हैं। अगर जल्द ही शांति नहीं हुई तो आने वाले महीनों में महंगाई और बढ़ सकती है और आम लोगों के लिए खर्चा बढ़ सकता है।

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महंगाई बढ़ने की मुख्य वजह क्या है?

Bank of Baroda के रिसर्च विंग ने बताया कि अमेरिका और ईरान के विवाद से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम बढ़े हैं। इसके अलावा Strait of Hormuz में रुकावट आने से मेटल की कीमतें भी महंगी हुई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर शांति समझौता नहीं हुआ तो फ्यूल महंगाई बढ़ी रहेगी। साथ ही अगर रुपया कमजोर होता है, तो बाहर से आने वाला सामान और भी महंगा हो जाएगा। फिलहाल खाने-पीने की चीजों की महंगाई कम है, लेकिन मानसून की स्थिति पर यह निर्भर करेगा कि आगे क्या होगा।

महंगाई से जुड़े ताजा सरकारी आंकड़े

Ministry of Commerce and Industry ने 14 मई 2026 को बताया कि अप्रैल 2026 में महंगाई बढ़ने की बड़ी वजह खनिज तेल, कच्चा पेट्रोल, नेचुरल गैस और बेसिक मेटल्स के दाम बढ़ना था। RBI ने भी कहा है कि दुनिया भर में चल रही उथल-पुथल की वजह से महंगाई का खतरा बना हुआ है।

विवरण आंकड़ा (अप्रैल 2026)
थोक महंगाई (WPI) 8.3%
फ्यूल और पावर महंगाई 24.7%
मिनरल ऑयल इंडेक्स 39.5%
मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स महंगाई 4.6%
इंटरनेशनल क्रूड ऑयल दाम 54.2% (बढ़त)
एल्युमीनियम की कीमत 19.2% (बढ़त)
कॉपर की कीमत 15.3% (बढ़त)

Frequently Asked Questions (FAQs)

WPI महंगाई बढ़ने का आम आदमी पर क्या असर होगा?

थोक महंगाई बढ़ने से फैक्ट्रियों और व्यापारियों के लिए लागत बढ़ती है, जिसका असर बाद में रिटेल मार्केट में आता है और सामान महंगा हो जाता है।

RBI ने महंगाई को लेकर क्या अनुमान लगाया है?

RBI ने FY27 के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) महंगाई 4.6% रहने का अनुमान लगाया है और ग्लोबल रिस्क पर नजर रख रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.