भारत की बड़ी एयरलाइंस जैसे Air India, IndiGo और SpiceJet ने सरकार को चेतावनी दी है कि वे जल्द ही अपना कामकाज बंद कर सकती हैं। पश्चिम एशिया में चल रहे संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने के खतरे से तेल की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं। इससे हवाई सफर महंगा हो सकता है और फ्लाइट्स की आवाजाही पर असर पड़ सकता है।

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एयरलाइंस क्यों हैं परेशान और क्या है मुख्य कारण?

Federation of Indian Airlines (FIA), जो Air India, IndiGo और SpiceJet का प्रतिनिधित्व करती है, ने 26 अप्रैल 2026 को नागरिक उड्डयन मंत्रालय को एक जरूरी पत्र भेजा। इस पत्र में कहा गया कि विमानन उद्योग इस समय बहुत ज्यादा तनाव में है और संचालन बंद करने की कगार पर है। इसका सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया का संकट है, जिससे Aviation Turbine Fuel (ATF) यानी हवाई जहाजों के ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के जोखिम ने तेल बाजार को अस्थिर कर दिया है, जिससे लंबी दूरी की उड़ानों का खर्च बहुत बढ़ गया है। UN Trade and Development (UNCTAD) ने भी बताया कि इस क्षेत्र में गतिविधियां लगभग थम गई हैं, जिसका सीधा असर वैश्विक तेल और गैस सप्लाई पर पड़ा है।

तेल की कीमतों और टैक्स का एयरलाइंस पर क्या असर पड़ा?

हवाई जहाजों को चलाने वाले खर्च में ईंधन का हिस्सा पहले 30-40 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 40-60 प्रतिशत तक पहुंच गया है। एयरलाइंस ने सरकार से वित्तीय मदद और ईंधन की कीमतों में बदलाव की मांग की है। उन्होंने पुराने ‘क्रैक बैंड’ सिस्टम को फिर से लागू करने और 11 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी को कुछ समय के लिए हटाने की अपील की है।

विवरण जानकारी / डेटा
घरेलू ATF कीमत वृद्धि सीमा 15 रुपये प्रति लीटर
अंतरराष्ट्रीय ATF कीमत वृद्धि 73 रुपये प्रति लीटर
ATF पर एक्साइज ड्यूटी 11 प्रतिशत
पुराना ईंधन खर्च (कुल खर्च का) 30-40 प्रतिशत
वर्तमान ईंधन खर्च (कुल खर्च का) 40-60 प्रतिशत
बाजार हिस्सेदारी (Air India, IndiGo, SpiceJet) 95 प्रतिशत
चेतावनी पत्र की तारीख 26 अप्रैल 2026

UNSC में भारत ने क्या कहा और दुनिया पर क्या असर है?

28 अप्रैल 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की चार्ज डी अफेयर्स, राजदूत योगना पटेल ने इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से समुद्री मार्ग को सुरक्षित और बाधा मुक्त बनाने की अपील की। उन्होंने साफ कहा कि अगर ये महत्वपूर्ण जलमार्ग बंद होते हैं, तो इसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और मानवीय सहायता की चेन पर पड़ेगा।

यह स्थिति उन भारतीयों के लिए चिंताजनक है जो खाड़ी देशों में रहते हैं या अक्सर यात्रा करते हैं, क्योंकि ईंधन की बढ़ती कीमतों से टिकट महंगे हो सकते हैं या उड़ानों की संख्या कम हो सकती है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

भारतीय एयरलाइंस के कामकाज बंद होने का खतरा क्यों है?

पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के डर से तेल (ATF) की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं, जिससे एयरलाइंस का खर्च अब उनके बजट से बाहर जा रहा है।

FIA ने सरकार से क्या मांग की है?

FIA ने तत्काल वित्तीय सहायता, ATF की कीमतों में सुधार (क्रैक बैंड सिस्टम की वापसी) और 11 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी को कुछ समय के लिए रोकने की मांग की है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.