भारतीय सेना ने राजस्थान के पोखरण में अपनी हवाई ताकत का बड़ा प्रदर्शन किया है. गुरुवार 9 अप्रैल 2026 को हुए ‘ब्रह्मास्त्र’ नाम के युद्धाभ्यास में सेना के नए बोइंग AH-64 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों ने हिस्सा लिया. इस दौरान रेगिस्तान की तपती गर्मी में हेलीकॉप्टरों ने हवा से जमीन पर सटीक हमले करके अपनी क्षमता को साबित किया. सेना इस तरह के अभ्यास से आधुनिक युद्ध के लिए अपनी तैयारियों को मजबूत कर रही है.

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ब्रह्मास्त्र युद्धाभ्यास की मुख्य जानकारी और हथियार

पोखरण फायरिंग रेंज में हुए इस युद्धाभ्यास के दौरान अपाचे हेलीकॉप्टरों ने कई तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया. कर्नल विक्रांत शर्मा ने बताया कि इस ड्रिल का मुख्य मकसद असली युद्ध जैसी परिस्थितियों के लिए पायलटों और ग्राउंड क्रू को तैयार करना था. सेना ने इस अभ्यास में अपनी मारक क्षमता और सटीक निशानेबाजी पर ध्यान दिया ताकि युद्ध के समय दुश्मन को संभलने का मौका न मिले.

  • मिसाइल टेस्ट: ड्रिल में AGM-114 हेलफायर मिसाइलों का सफल इस्तेमाल किया गया.
  • हथियारों का दम: हेलीकॉप्टर में लगे रॉकेट और गन सिस्टम से टारगेट पर सटीक वार किया गया.
  • नेटवर्क युद्ध: यह अभ्यास नेटवर्क-केंद्रित युद्ध प्रणाली के तहत तुरंत मदद पहुंचाने पर आधारित था.

अपाचे हेलीकॉप्टर क्यों है भारतीय सेना के लिए खास

अपाचे AH-64 एक बहुत ही आधुनिक मल्टी-रोल कॉम्बैट हेलीकॉप्टर है. इसमें लॉन्गबो रडार और नाइट विजन सेंसर लगे हुए हैं जिसकी वजह से यह किसी भी मौसम में और रात के अंधेरे में भी दुश्मन को खोजकर खत्म कर सकता है. भारतीय सेना में इसकी एंट्री से हवाई हमलों की ताकत काफी बढ़ गई है. यह हेलीकॉप्टर सीमा पर सेना को जमीन के साथ-साथ आसमान से भी सुरक्षा कवच प्रदान करता है.

विवरण महत्वपूर्ण जानकारी
अभ्यास की तारीख 9 अप्रैल 2026
स्थान पोखरण फायरिंग रेंज, राजस्थान
हेलीकॉप्टर का नाम Boeing AH-64 Apache
इस्तेमाल हथियार AGM-114 Hellfire मिसाइल और रॉकेट
सैन्य अधिकारी कर्नल विक्रांत शर्मा
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.