Indian Army Chief General Dhiraj Seth Nepal Visit: भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ पहुंचे नेपाल, आपसी सैन्य रिश्तों को मजबूत करने के लिए होगी खास बातचीत।

भारतीय सेना के प्रमुख General Dhiraj Seth तीन दिनों के आधिकारिक दौरे पर 16 अगस्त 2026 को काठमांडू पहुंच गए हैं। यह दौरा दोनों पड़ोसी देशों के बीच आपसी सैन्य सहयोग को और ज्यादा गहरा करने के उद्देश्य से शुरू हुआ है। 30 जून 2026 को कमान संभालने के बाद जनरल धीरज सेठ की यह पहली विदेश यात्रा है, जिस पर दोनों देशों की खास नजर बनी हुई है। इस यात्रा के दौरान मुख्य रूप से सीमा सुरक्षा, संयुक्त सैन्य ट्रेनिंग और आपदा प्रबंधन जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी ताकि दोनों देशों की सेनाएं मिलकर काम कर सकें।
राष्ट्रपति भवन में होगा विशेष सम्मान समारोह
इस दौरे का सबसे अहम हिस्सा 17 अगस्त 2026 को होने वाला है, जब नेपाल के राष्ट्रपति Shri Ram Chandra Paudel राष्ट्रपति भवन में एक विशेष समारोह के दौरान जनरल धीरज सेठ को नेपाली सेना के जनरल की मानद रैंक से सम्मानित करेंगे। यह परंपरा 1950 के दशक से चली आ रही है, जो दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और गहरे रिश्तों को दिखाती है। इस परंपरा के तहत दोनों देशों के सेना प्रमुखों को एक-दूसरे की सेना में यह सम्मानजनक पद दिया जाता है। इस समारोह में दोनों देशों के कई बड़े सैन्य और सरकारी अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
प्रधानमंत्री और नेपाली समकक्ष से होगी अहम बैठक
अपनी इस यात्रा के दौरान भारतीय सेना प्रमुख General Dhiraj Seth अपने नेपाली समकक्ष General Ashok Raj Sigdel से मुलाकात करेंगे और दोनों सेनाओं के बीच के रिश्तों को लेकर समीक्षा करेंगे। इसके अलावा वे नेपाल के प्रधानमंत्री Balendra Shah सहित देश के कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से भी उच्च स्तर की बातचीत करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच सैन्य क्षमता बढ़ाने और भारतीय सेना में गोरखा सैनिकों की भर्ती जैसे महत्वपूर्ण ऑपरेशनल मामलों पर भी बात होगी, जिसकी जानकारी ANI News की रिपोर्ट में दी गई है।
पोखरा में पूर्व सैनिकों के सम्मेलन के साथ होगा दौरा समाप्त
यह तीन दिवसीय दौरा 19 अगस्त 2026 को नेपाल के पोखरा में होने वाले एक पूर्व सैनिक सम्मेलन (Ex-Servicemen Rally) के साथ समाप्त होगा। इस रैली के दौरान जनरल धीरज सेठ वहां मौजूद भूतपूर्व सैनिकों और वीरता पुरस्कार पाने वाले वीरों का सम्मान करेंगे। इस पूरी यात्रा का उद्देश्य केवल औपचारिकता निभाना नहीं है, बल्कि दोनों देशों के पुराने और मजबूत रक्षा संबंधों को आने वाले समय में और ज्यादा बेहतर बनाना है ताकि सुरक्षा और आपसी सहयोग के क्षेत्र में कोई कमी न रहे।