Indian Banks New Rule: AI हमलों से बचने के लिए बैंकों को मिलेंगे नए निर्देश, वित्त मंत्री ने जताई चिंता
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय बैंकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से होने वाले साइबर हमलों के प्रति अलर्ट किया है। उन्होंने कहा कि बैंकों को अब पुराने तरीकों को छोड़कर नए और स्मार्ट डिफेंस सिस्टम बनाने होंगे। 23 अप्रैल 2026 को हुई एक बड़ी बैठक में उन्होंने साफ किया कि AI के खतरे पहले से कहीं ज़्यादा बड़े और अलग हैं, इसलिए अब ज़्यादा सतर्क रहने की ज़रूरत है।
AI के खतरों से निपटने के लिए बैंकों को क्या करना होगा?
वित्त मंत्री ने बताया कि नए AI मॉडल, जैसे कि Claude Mythos AI, डिजिटल सुरक्षा की कमियों को बहुत आसानी से ढूंढ सकते हैं, जो पहले मुमकिन नहीं था। उन्होंने बैंकों को सलाह दी है कि वे अब ज़्यादा एक्टिव होकर काम करें और साइबर विशेषज्ञों की मदद लें। इसके अलावा, उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी संदिग्ध डिजिटल गतिविधि की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दी जाए ताकि समय रहते कदम उठाए जा सकें।
बैंकों के लिए सरकार के नए दिशा-निर्देश क्या हैं?
बैंकिंग सेक्टर को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने कई ज़रूरी कदम उठाए हैं। Indian Banks’ Association (IBA) को एक ऐसा सिस्टम बनाने के लिए कहा गया है जो किसी भी खतरे पर तुरंत एक्शन ले सके। इस पूरे काम की कमान SBI के चेयरमैन संभालेंगे। इसके साथ ही, बैंकों को CERT-In जैसी एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाकर रियल-टाइम में जानकारी शेयर करने को कहा गया है।
| मुख्य निर्देश | विवरण |
|---|---|
| साइबर डिफेंस | बैंकों को अपने डिफेंस सिस्टम को और मज़बूत बनाना होगा। |
| विशेषज्ञों की नियुक्ति | टॉप साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स और एजेंसियों की मदद लेनी होगी। |
| तत्काल रिपोर्टिंग | किसी भी संदिग्ध गतिविधि की खबर तुरंत CERT-In को देनी होगी। |
| सूचना साझा करना | बैंकों और एजेंसियों के बीच खतरे की जानकारी शेयर करने का सिस्टम बनेगा। |
| डेटा सुरक्षा | ग्राहकों के डेटा और पैसों को सुरक्षित रखने के लिए पहले से तैयारी करनी होगी। |
| संस्थागत तंत्र | IBA के नेतृत्व में एक समन्वित मैकेनिज्म तैयार किया जाएगा। |
| IT सिस्टम अपडेट | IT सिस्टम को सुरक्षित करने के लिए प्री-एम्प्टिव कदम उठाने होंगे। |
क्या आम ग्राहकों और प्रवासियों पर इसका असर होगा?
यह कदम मुख्य रूप से बैंकिंग सिस्टम को सुरक्षित करने के लिए उठाया गया है। भारत के फिनटेक सेक्टर में अब जटिलता बढ़ गई है, जिससे रिस्क भी ज़्यादा हैं। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आम लोगों और विदेश में रहने वाले भारतीयों का पैसा और डेटा सुरक्षित रहे। सरकार दुनिया भर की टेक कंपनियों के साथ मिलकर इस जोखिम को समझने और उससे बचने की कोशिश कर रही है। साथ ही, पश्चिम एशिया के संकट पर भी सरकार करीब से नज़र रख रही है।