Indian Banks NPA News: बैंकों के डूबे कर्ज पर Crisil का बड़ा अपडेट, 2027 तक 2.2% तक रह सकता है NPA, MSME सेक्टर पर खतरा

भारतीय बैंकों की सेहत को लेकर एक बड़ी खबर आई है। रेटिंग एजेंसी Crisil का मानना है कि आने वाले दो सालों में बैंकों का डूबा हुआ कर्ज यानी NPA कंट्रोल में रहेगा। मार्च 2027 तक यह 2.0 से 2.2 प्रतिशत के बीच रहने की उम्मीद है, जो कि काफी कम है। हालांकि, वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव की वजह से कुछ छोटे उद्योगों पर दबाव दिख सकता है।

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बैंकों के डूबे कर्ज यानी NPA पर क्या है नया अपडेट?

Crisil Ratings के मुताबिक, भारतीय बैंकों का ग्रॉस NPA मार्च 2027 तक 2.0-2.2 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। यह आंकड़ा मार्च 2026 के ऐतिहासिक निचले स्तर 2.0 प्रतिशत के काफी करीब है। बैंकों की इस मजबूती के पीछे बड़ी कंपनियों के मजबूत बैलेंस शीट का हाथ है। हालांकि, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र में दिक्कतें आ सकती हैं क्योंकि वेस्ट एशिया के संघर्ष का असर इनके व्यापार पर पड़ रहा है।

किन जोखिमों और सेक्टरों पर नजर रख रही है RBI?

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर ने कहा है कि बैंकों की लाभप्रदता और सेहत में कोई बड़ा खतरा नहीं है। फिर भी, RBI ने बैंकों से वेस्ट एशिया क्षेत्र में उनके सीधे और अप्रत्यक्ष निवेश की जानकारी मांगी है। इसमें उन भारतीय कंपनियों की डिटेल्स मांगी गई हैं जिनकी वहां सब्सिडरी कंपनियां हैं। इसके अलावा, उन NRI ग्राहकों के होम लोन की भी निगरानी की जा रही है जो इस क्षेत्र से जुड़े हैं ताकि भविष्य के लिए राहत उपायों की योजना बनाई जा सके।

प्रमुख एजेंसियों के अनुमान और बैंकिंग अपडेट

संस्था/समय मुख्य अपडेट और अनुमान
Crisil (17 अप्रैल 2026) मार्च 2027 तक NPA 2.0-2.2% रहने का अनुमान
Crisil (1 अप्रैल 2026) शुरुआती अनुमान में NPA 2.5% तक जाने की बात कही थी
RBI (दिसंबर 2025) बैंकों का ग्रॉस NPA गिरकर 2% पर आया था
S&P Global Ratings तेल संकट होने पर NPA 3.5% तक बढ़ सकता है
RBI गवर्नर बैंकिंग सिस्टम में कोई बड़ा खतरा नहीं देखा गया
प्रभावित सेक्टर सिरेमिक्स और डायमंड पॉलिशिंग पर बुरा असर पड़ा है