पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात की वजह से भारतीय एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों के रास्ते बदल दिए हैं। एयर इंडिया, इंडिगो और अकासा एयर जैसी कंपनियां अब ईरान और इराक के आसमान से होकर नहीं गुजरेंगी। इसकी जगह विमानों को ओमान और पश्चिमी सऊदी अरब के ऊपर से ले जाया जा रहा है। भारत के विमानन नियामक DGCA ने सुरक्षा के लिए नई एडवाइजरी जारी की है जो 28 मार्च 2026 तक लागू रहेगी।

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भारतीय विमान अब किन देशों के रास्ते नहीं जाएंगे?

विमानन एक्सपर्ट सुभाष गोयल ने बताया कि भारतीय कंपनियां अब ओमान और पश्चिमी सऊदी अरब का चक्कर काटकर अपनी उड़ानें पूरी कर रही हैं। DGCA ने एयरलाइंस को 11 उच्च जोखिम वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। इनमें ईरान, इराक, इजरायल, बहरीन, कुवैत, कतर, UAE, जॉर्डन और लेबनान जैसे देशों का हवाई क्षेत्र शामिल है। इन रास्तों पर उड़ने के लिए विमानों को कम से कम 32,000 फीट की ऊंचाई बनाए रखने का निर्देश दिया गया है ताकि किसी भी तरह के खतरे से बचा जा सके।

इस बदलाव से यात्रियों और फ्लाइट्स पर क्या असर पड़ेगा?

रास्ता बदलने की वजह से खाड़ी देशों और पश्चिमी देशों की यात्रा करने वाले लोगों को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

  • सफर में देरी: रास्ता लंबा होने की वजह से फ्लाइट्स अब अपने तय समय से ज्यादा समय लेंगी।
  • महंगा टिकट: लंबी दूरी की वजह से ईंधन ज्यादा खर्च होगा जिससे आने वाले दिनों में हवाई टिकट के दाम बढ़ सकते हैं।
  • फ्लाइट कैंसिल: पाकिस्तान के ऊपर से न उड़ पाने की वजह से कुछ रूट पर उड़ानें रद्द भी की गई हैं।
  • एयर इंडिया अपडेट: एयर इंडिया ने यूरोप और अमेरिका जाने वाली अपनी लंबी दूरी की फ्लाइट्स का रास्ता पहले ही बदल दिया है।
  • सुरक्षा जांच: सरकार ने सभी कंपनियों से कहा है कि वे सुरक्षा को सबसे ऊपर रखें और रिस्क को देखते हुए ही उड़ान का फैसला लें।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.