दुबई अब भारतीय कारोबारियों के लिए दूसरा घर बनता जा रहा है। साल 2025 में हजारों भारतीय कंपनियों ने भारत से बाहर निकलकर दुबई का रुख किया है। दुबई चैम्बर ऑफ कॉमर्स (Dubai Chamber of Commerce) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ एक साल के अंदर 18,486 नई भारतीय कंपनियां दुबई में रजिस्टर हुई हैं। यह किसी भी देश के मुकाबले सबसे ज्यादा संख्या है और इसमें लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।

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किन देशों के लोग सबसे ज्यादा जा रहे दुबई?

दुबई में नई विदेशी कंपनियों के पंजीकरण के मामले में भारतीय निवेशक सबसे आगे हैं। 17 फरवरी 2026 को जारी अपडेट के अनुसार, भारतीयों के बाद पाकिस्तान और मिस्र के कारोबारियों ने भी दुबई में अपनी जगह बनाई है। कुल मिलाकर 2025 में 71,830 नई कंपनियां दुबई चैम्बर से जुड़ी हैं। नीचे दी गई टेबल में देखिए किस देश से कितनी कंपनियां आईं:

रैंकिंग देश नई कंपनियां (2025)
1 भारत 18,486
2 पाकिस्तान 9,138
3 मिस्र (Egypt) 5,043
4 यूनाइटेड किंगडम (UK) 2,733
5 बांग्लादेश 2,721

भारतीय कंपनियां दुबई में क्या काम कर रही हैं?

दुबई जाने वाले ज्यादातर भारतीय रियल एस्टेट और दुकानदारी (रिटेल) के बिजनेस में पैसा लगा रहे हैं। आंकड़ों को देखें तो सबसे ज्यादा 37.6% नई कंपनियां रियल एस्टेट, रेंटिंग और बिजनेस सर्विस सेक्टर में खुली हैं। इसके पीछे का कारण दुबई में प्रॉपर्टी और रेंटल मार्केट का तेज होना है।

  • थोक और खुदरा व्यापार: करीब 34.5% लोग सामान खरीदने-बेचने के काम में जुड़े हैं।
  • कंस्ट्रक्शन: 17.2% हिस्सा निर्माण क्षेत्र का है, जो शहर के विकास में भागीदार बन रहे हैं।
  • अन्य सेवाएं: ट्रांसपोर्ट और पर्सनल सर्विस में भी लोगों ने रुचि दिखाई है।

दुबई में बिजनेस शुरू करने का खर्चा और नियम

दुबई सरकार ने विदेशी लोगों के लिए नियम काफी आसान कर दिए हैं, जिससे भीड़ बढ़ रही है। अब वहां बिजनेस का 100% मालिकाना हक मिल जाता है, जिसके लिए पहले किसी स्थानीय शेख या स्पॉन्सर की जरूरत पड़ती थी। इसके अलावा वहां कोई पर्सनल इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता है, जो भारतीय निवेशकों के लिए एक बड़ा आकर्षण है।

लागत की बात करें तो लाइसेंस, बीमा और शुरूआती पूंजी मिलाकर कम से कम 50,000 AED (करीब 11-12 लाख भारतीय रुपये) से काम शुरू किया जा सकता है। कुछ फ्री जोन में आईटी और ई-कॉमर्स के लाइसेंस की फीस 6,000 से 15,000 AED के बीच भी उपलब्ध है। मेदान फ्री जोन जैसी जगहों पर डिजिटल लाइसेंस बहुत कम समय में मिल रहे हैं, जिससे लोग आसानी से अपना काम शुरू कर पा रहे हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.