Abu Dhabi में भारतीय दूतावास की बड़ी चेतावनी, UAE प्रवासियों को बायोमेट्रिक स्कैम से रहना होगा सावधान

आबू धाबी में स्थित भारतीय दूतावास ने यूएई में रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों के लिए एक जरूरी चेतावनी जारी की है। 24 अगस्त 2026 को जारी इस एडवाइजरी में खासकर ब्लू-कॉलर मजदूरों को फर्जी एजेंटों से सतर्क रहने के लिए कहा गया है। ये धोखेबाज लोग सरकारी सेवाओं के नाम पर लोगों को फंसा रहे हैं और उनकी निजी जानकारी चुरा रहे हैं।
फर्जी एजेंटों का नया तरीका
ये ठग लोगों को वीजा ठीक करवाने, एग्जिट परमिट दिलाने, आउटपास बनवाने, एमिरेट्स आईडी प्रोसेस करने और इमरजेंसी ट्रैवल डॉक्यूमेंट देने का झूठा वादा करते हैं। इन सब कामों के बहाने वे लोगों के जरूरी कागजात और बायोमेट्रिक डेटा इकट्ठा कर रहे हैं। दूतावास के अनुसार, ये लोग चुपचाप फेस स्कैन, आंख का स्कैन और फिंगरप्रिंट ले रहे हैं, जिससे लोगों को भारी नुकसान हो सकता है.
चोरी किए गए इस बायोमेट्रिक डेटा का इस्तेमाल करके फ्रॉड लोग पीड़ितों के नाम पर बिना पूछे बैंक खाते खोल रहे हैं, लोन ले रहे हैं, क्रेडिट कार्ड बनवा रहे हैं और अवैध वित्तीय लेनदेन कर रहे हैं। ऐसा होने पर बेकसूर लोगों पर कर्ज, जुर्माना, कानूनी कार्रवाई, यात्रा प्रतिबंध यानी ट्रेवल बैन और यहां तक कि जेल जाने की नौबत आ सकती है।
किन बातों का रखना है ध्यान
भारतीय नागरिकों को साफ-साफ सलाह दी गई है कि वे अपना पासपोर्ट विवरण, एमिरेट्स आईडी, बायोमेट्रिक डेटा या पैसों से जुड़ी जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति या फर्जी एजेंसी को बिल्कुल न दें। दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट या इमरजेंसी सर्टिफिकेट जारी करने के लिए किसी भी तरह के फिंगरप्रिंट, चेहरे या आंख के स्कैन की जरूरत नहीं होती है। अगर कोई दूतावास के नाम पर ऐसा डेटा मांगता है, तो इसे सीधे तौर पर बड़ा फ्रॉड समझना चाहिए।
एग्जिट परमिट या एमिरेट्स आईडी जैसे सरकारी कागजों के लिए बायोमेट्रिक प्रक्रिया केवल तयशुदा यूएई सरकारी केंद्रों या अधिकृत काउंटरों पर ही पूरी की जाती है। किसी भी सेवा प्रदाता पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच जरूर करनी चाहिए। जो ब्लू-कॉलर वर्कर भाषा की समस्या या नौकरी और वीजा की जल्दी में रहते हैं, वे इन ठगों के मुख्य निशाने पर होते हैं।
मदद के लिए यहां करें संपर्क
अगर किसी को भी किसी बात पर शक हो या मदद की जरूरत हो, तो वह Pravasi Bharatiya Sahayata Kendra (PBSK) से संपर्क कर सकता है। इसके लिए टोल-फ्री नंबर 80046342 पर कॉल किया जा सकता है। इसके अलावा व्हाट्सएप या एसएमएस के लिए +971 54 309 0571 पर मैसेज भेज सकते हैं या [email protected] पर ईमेल भी कर सकते हैं। जिन लोगों ने गलती से अपना डेटा इन ठगों को दे दिया है, उन्हें तुरंत इन आधिकारिक माध्यमों से संपर्क करके सलाह लेनी चाहिए।