दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने कतर में मौजूदा हालात को देखते हुए एक जरूरी सूचना जारी की है। वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव और कतर का एयरस्पेस बंद होने के कारण जो भारतीय यात्री वहां फंसे हुए हैं, उनके लिए अब एक नया रास्ता निकाला गया है। दूतावास ने शुक्रवार को एक एडवाइजरी जारी करते हुए बताया कि फंसे हुए भारतीय अब सऊदी अरब के रास्ते (Saudi Route) निकल सकते हैं। इसके लिए एक रजिस्ट्रेशन लिंक भी जारी किया गया है ताकि लोगों को सऊदी का ‘टेम्परेरी ट्रांजिट वीजा’ आसानी से मिल सके।

सऊदी ट्रांजिट वीजा के लिए कौन कर सकता है आवेदन?

भारतीय दूतावास ने साफ किया है कि यह सुविधा सिर्फ उन लोगों के लिए है जो कतर में ‘ट्रांजिट पैसेंजर’ के तौर पर फंसे हुए हैं। इसका फायदा उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी रखी गई हैं:

  • यह सुविधा केवल उन भारतीयों के लिए है जो कतर में फंसे हैं और आगे की यात्रा करना चाहते हैं।
  • आवेदक के पास सऊदी अरब से बाहर जाने का Confirmed Ticket होना अनिवार्य है।
  • दूतावास ने बताया है कि इन आवेदनों को प्रोसेस करने में कम से कम 48 घंटे का समय लग सकता है।
  • यात्रियों को सलवा लैंड बॉर्डर (Salwa land border) तक जाने और वहां से सऊदी एयरपोर्ट तक जाने का इंतजाम खुद करना होगा।
  • रजिस्ट्रेशन के लिए दूतावास ने यह लिंक जारी किया है: forms.gle/oTwqEQYa4z22oX

वीजा एक्सटेंशन और हेल्पलाइन नंबर जारी

कतर में फंसे लोगों की सहूलियत के लिए कतर के गृह मंत्रालय (MoI) ने भी बड़ा फैसला लिया है। मंत्रालय ने एक्सपायर हो चुके या होने वाले सभी तरह के वीजा को एक महीने के लिए बढ़ा दिया है। यह नियम 28 फरवरी 2026 से लागू माना जाएगा। इसके अलावा सुरक्षा को लेकर भी सख्त हिदायत दी गई है।

दूतावास ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकलें। खास तौर पर खिड़कियों और खुले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में मदद के लिए भारतीय दूतावास ने 24 घंटे चलने वाले हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:

  • फोन नंबर: +974 55647502 और +974 55362508
  • ईमेल: cons.doha@mea.gov.in
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.