मिडिल ईस्ट में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए दूतावास ने एक बड़ी चेतावनी जारी की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे Facebook, WhatsApp और X पर किसी भी तरह की गलत जानकारी या फेक वीडियो शेयर करना अब भारी पड़ सकता है। भारतीय विदेश मंत्रालय और अलग-अलग देशों में स्थित दूतावासों ने साफ कहा है कि अफवाह फैलाना एक गंभीर अपराध है और इसके लिए सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक सूत्रों पर ही भरोसा करें।

किन बातों का रखना होगा विशेष ध्यान

  • सोशल मीडिया पर किसी भी क्षेत्रीय विवाद से जुड़े वीडियो या फोटो बिना जांचे शेयर न करें
  • किसी भी अनौपचारिक माध्यम से आने वाली मदद या नौकरी की खबरों पर भरोसा न करें
  • दूतावास के नाम पर आने वाले फर्जी ईमेल और बैंक डिटेल मांगने वाले मैसेज से सावधान रहें
  • AI से बने डीपफेक वीडियो या फोटो को बढ़ावा न दें क्योंकि भारत सरकार ने इसके लिए नियम कड़े कर दिए हैं
  • किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए केवल दूतावास की वेबसाइट या सोशल मीडिया हैंडल का ही उपयोग करें

हाल ही में हुई कार्रवाई और सख्त सजा के प्रावधान

हाल के दिनों में खाड़ी देशों और भारत में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं जिनका सीधा असर प्रवासियों पर पड़ सकता है। इन नियमों का पालन न करने पर जेल और जुर्माना दोनों हो सकता है। UAE में गलत जानकारी फैलाने पर सख्त कार्रवाई शुरू हो चुकी है।

तारीख देश/संस्था मुख्य अपडेट और सजा
16 मार्च 2026 UAE 35 लोग गिरफ्तार हुए जिनमें 19 भारतीय थे। सजा कम से कम 1 साल जेल और 1 लाख Dirham जुर्माना है।
21 मार्च 2026 विदेश मंत्रालय (MEA) भारत और अमेरिका के बीच सैन्य सहायता की झूठी खबर को पूरी तरह खारिज किया गया।
10 फरवरी 2026 भारत सरकार सोशल मीडिया कंपनियों को 3 घंटे के भीतर गलत या हानिकारक AI कंटेंट हटाने का आदेश दिया गया।
20 मार्च 2026 Riyadh दूतावास धोखाधड़ी वाले सोशल मीडिया अकाउंट से सावधान रहने की अपील की गई जो पैसे की मांग करते हैं।

भारतीय दूतावास ने ओमान के मस्कट और सऊदी के रियाद में भी इसी तरह की एडवायजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि किसी भी संवेदनशील मुद्दे पर अपनी राय देने या वीडियो फॉरवर्ड करने से पहले उसकी सत्यता जांच लें। स्थानीय अधिकारियों के सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है ताकि किसी भी कानूनी पचड़े से बचा जा सके।