दुबई में रहने वाले एक भारतीय शख्स ने अपनी मेहनत से सबको हैरान कर दिया है। उन्होंने सिर्फ 350 दिरहम के छोटे से कर्ज से एक बड़ी टेक कंपनी खड़ी कर दी। यह कहानी उन सभी प्रवासियों के लिए उम्मीद की किरण है जो अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं और जिनके पास संसाधनों की कमी है।
सिर्फ 350 दिरहम से हुई शुरुआत
भारतीय मूल के Anas Abdul Latheef ने साल 2014 में अपनी मां से 350 दिरहम उधार लिए थे। इन पैसों का इस्तेमाल उन्होंने एक सरकारी प्रोजेक्ट का टेंडर डॉक्यूमेंट खरीदने के लिए किया। इसी छोटी सी शुरुआत से उन्होंने Hash Include नाम की कंपनी बनाई। Anas साल 2008 में दुबई लौटे थे और पिछले एक दशक की कड़ी मेहनत के बाद आज उनकी कंपनी क्षेत्र की एक जानी-मानी टेक फर्म बन चुकी है।
विदेशी निवेशकों के लिए बदले नियम
UAE सरकार ने अब प्रवासियों और विदेशी निवेशकों के लिए बिजनेस करना बहुत आसान बना दिया है। Federal Decree-Law No. 26 of 2020 और साल 2025 के नए कानूनों के तहत अब विदेशी लोग अपनी कंपनियों के 100% मालिक बन सकते हैं। पहले नियम था कि कंपनी में 51% हिस्सा UAE के नागरिक का होना जरूरी था, लेकिन अब इस शर्त को हटा दिया गया है।
Ministry of Economy & Tourism के मुताबिक इस बदलाव से अब प्रवासियों को अपने बिजनेस के मुनाफे, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी और कंपनी चलाने के फैसलों में पूरी आजादी मिलती है। इसका मकसद देश में छोटे और मध्यम उद्योगों (SMEs) की संख्या को बढ़ाना है।
भारत और UAE की साझेदारी
Dubai Chambers के प्रेसिडेंट और CEO Mohammad Ali Rashed Lootah ने जुलाई 2025 में एक बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि दुबई की डिजिटल ग्रोथ के लिए भारत का आईटी और नई टेक्नोलॉजी का अनुभव बहुत काम का है, इसलिए भारत इस सफर में एक आदर्श पार्टनर है।
UAE के टेक सेक्टर में लगातार नए प्रयोग हो रहे हैं। इसी कड़ी में 17 जून 2026 को Alaan नाम की फिनटेक कंपनी ने अपना पहला AI-नेटिव बिजनेस बैंक अकाउंट लॉन्च किया है। इसमें कॉर्पोरेट कार्ड, पेमेंट और अकाउंटिंग जैसी सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी, जिससे बिजनेस करना और भी आसान हो जाएगा।