दुबई में बसे एक भारतीय परिवार की कहानी इन दिनों चर्चा में है, जिनका रिश्ता इस शहर से पूरे 100 साल पुराना है। यह सफर 1920 के दशक में शुरू हुआ था जब Utamchand नाम के एक शख्स ‘Dabai’ पहुंचे थे। हाल ही में दुबई के शासक Sheikh Mohammed bin Rashid Al Maktoum ने इस विरासत को विशेष सम्मान दिया है।

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कैसे शुरू हुई Utamchand Bhatia की दुबई यात्रा?

Utamchand 1920 के दशक में दुबई आए थे। उन्होंने अपनी मेहनत से खुद को एक अमीर व्यापारी के रूप में स्थापित किया। वे Bur Dubai के आलीशान Shindigga इलाके में रहते थे, जो शाही महल के काफी करीब था। इस परिवार का रिश्ता दुबई के शाही परिवार से बहुत गहरा था। पुराने किस्सों के मुताबिक, महल से Utamchand की पत्नी के लिए उनकी खिड़की पर खजूर की प्लेटें रखी जाती थीं, जिसे शासक की दयालुता माना गया।

शेख मोहम्मद ने क्यों दिया इस परिवार को सम्मान?

Museum of Future में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। यहाँ Sheikh Mohammed bin Rashid Al Maktoum ने उन लोगों और संस्थाओं को अवॉर्ड दिए जिन्होंने दुबई की पुरानी यादों, उसकी राष्ट्रीय पहचान और सामुदायिक दस्तावेज़ों को बचाए रखने में मदद की। Utam Chand Bhatia परिवार को उनकी सांस्कृतिक और व्यापारिक विरासत के लिए पहचाना गया। परिवार के सदस्य Deepak Bhatia ने अपनी जड़ों को गहराई से खोजा और इस इतिहास को सबके सामने रखा। परिवार का मानना है कि वे सिर्फ एक बिजनेस नहीं चलाते, बल्कि दुबई के विकास और उसकी विरासत के रखवाले हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Utamchand Bhatia दुबई कब आए थे?

Utamchand 1920 के दशक में दुबई आए थे, जिसे उस समय ‘Dabai’ कहा जाता था। उन्होंने वहां एक सफल व्यापारी के रूप में अपनी पहचान बनाई और Bur Dubai के Shindigga इलाके में रहे।

इस परिवार को अवॉर्ड किसने और कहाँ दिया?

यह अवॉर्ड Sheikh Mohammed bin Rashid Al Maktoum ने Museum of Future में दिया। यह सम्मान उन लोगों को दिया गया जिन्होंने दुबई की विरासत और पहचान को संजोने में योगदान दिया।