पढ़ाई के लिए अमेरिका और कनाडा जाने वाले छात्रों के बीच कुछ ऐसे लोग भी घुस गए हैं जो असल में भारत के बड़े गैंगस्टर्स हैं. एक ताज़ा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ये अपराधी स्टूडेंट वीज़ा और शरण (asylum) का रास्ता अपनाकर विदेशों में छिप रहे हैं और वहीं से भारत में मर्डर और वसूली जैसे अपराध करवा रहे हैं.
स्टूडेंट वीज़ा और शरण का गलत इस्तेमाल कैसे हो रहा है?
Newsweek की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के कई गैंगस्टर और अपराधी अमेरिका और कनाडा में शरण लेकर अपने नेटवर्क चला रहे हैं. ये लोग मर्डर, जबरन वसूली और नशीली दवाओं की तस्करी जैसे गंभीर मामलों में भारत में वांटेड हैं. सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पंजाब से आने वाले कुछ लोग खालिस्तान आंदोलन के नाम पर झूठे शरण दावे (fake asylum claims) कर रहे हैं ताकि उन्हें वहां पनाह मिल सके.
- इन अपराधियों ने स्टूडेंट वीज़ा का इस्तेमाल करके विदेश में एंट्री ली.
- एक पूर्व अमेरिकी DHS अधिकारी के अनुसार, ये लोग वहां इसलिए गए ताकि भारत के लोगों को निशाना बना सकें.
- मार्च और अप्रैल 2026 में अमेरिका में 10 भारतीयों पर वीज़ा धोखाधड़ी का मामला भी चला.
कौन से गैंग शामिल हैं और क्या है सरकारों का एक्शन?
इस खेल में Lawrence Bishnoi गैंग, Devinder Bambiha गैंग और Kala Rana गैंग जैसे नाम सामने आए हैं. कनाडा सरकार ने 29 सितंबर 2025 को Bishnoi गैंग को आधिकारिक तौर पर एक आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया. कनाडा के पब्लिक सेफ्टी मिनिस्टर Gary Anandasangaree ने बताया कि इस कदम से अब ऐसे लोगों को देश में घुसने से रोकना आसान होगा.
वहीं अमेरिका की FBI और कनाडा की RCMP जैसी एजेंसियां इन नेटवर्कों पर नज़र रख रही हैं. अमेरिका के दूतावास ने जून 2025 में साफ किया कि वीज़ा के गलत इस्तेमाल पर उनकी नीति ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की है. भारत की National Investigation Agency (NIA) और Interpol भी इन भगोड़ों को पकड़ने के लिए काम कर रहे हैं.
Frequently Asked Questions (FAQs)
कनाडा सरकार ने बिश्नोई गैंग के खिलाफ क्या कदम उठाया है
कनाडा सरकार ने सितंबर 2025 में बिश्नोई गैंग को आतंकवादी संगठन घोषित किया है, जिससे अब उनके सदस्यों को कनाडा आने से रोकना और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना आसान हो गया है.
अपराधी विदेश जाने के लिए किन रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं
रिपोर्ट के अनुसार, ये अपराधी स्टूडेंट वीज़ा लेकर या फिर राजनीतिक उत्पीड़न के झूठे दावे कर शरण (asylum) मांगकर अमेरिका और कनाडा में शरण ले रहे हैं.
