UAE में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए ईद-उल-अजहा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस साल भी भारत से बड़ी संख्या में बकरों को हवाई जहाज़ के ज़रिए लाया गया है ताकि कुर्बानी के लिए अच्छी क्वालिटी के जानवर मिल सकें। राजस्थान के शेखावाटी, सिरोही और बीकानेर नस्ल के बकरों की यहाँ काफी डिमांड है और बाज़ार में उनकी आवक बढ़ गई है।

बकरों के दाम और बाज़ार का हाल क्या है?

इस बार कुर्बानी के जानवरों की मांग में करीब 80% की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। शिपिंग और चारे के खर्च बढ़ने की वजह से कीमतों में भी पिछले साल के मुकाबले 10% का इजाफा देखा जा रहा है। अलग-अलग सप्लायर और वजन के हिसाब से दाम नीचे दी गई टेबल में देखे जा सकते हैं:

विवरण कीमत/डेटा
IACAD द्वारा तय आधिकारिक दर Dh350 से Dh800
Union Coop शुरुआती कीमत AED 895 से शुरू
60 किलो वजन वाले भारतीय बकरे Dh2,000 से Dh2,500
सामान्य औसत कीमत Dh850 से Dh1,600
कीमतों में अनुमानित बढ़ोतरी करीब 10%
मांग में संभावित वृद्धि 80% तक

कुर्बानी के जानवरों के लिए सरकारी नियम और शर्तें

UAE के इस्लामिक अफेयर्स एंड चैरिटेबल एक्टिविटीज डिपार्टमेंट (IACAD) ने कुर्बानी के लिए कड़े नियम बनाए हैं। सरकार ने सलाह दी है कि कुर्बानी के लिए केवल लाइसेंस वाले बूचड़खानों का ही इस्तेमाल करें। इस्लामिक नियमों के मुताबिक, जानवर पूरी तरह स्वस्थ होना चाहिए, उसमें कोई बाहरी कमी नहीं होनी चाहिए और भेड़-बकरी की उम्र कम से कम एक साल होनी चाहिए।

भारत से जानवरों को लाने के लिए सख्त नियमों का पालन करना पड़ता है। इसमें भारत के प्रमाणित डॉक्टर से एनिमल हेल्थ सर्टिफिकेट, AQCS इंडिया से क्वारंटाइन क्लीयरेंस और UAE के पर्यावरण परिवर्तन और जलवायु मंत्रालय (Ministry of Climate Change and Environment) से इंपोर्ट परमिट लेना ज़रूरी होता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE में 2026 में ईद-उल-अजहा कब मनाई जाएगी?

UAE में ईद-उल-अजहा 27 मई 2026 को मनाई जाएगी।

भारत से आने वाले बकरों की कौन सी नस्लें लोकप्रिय हैं?

भारत के राजस्थान से आने वाले शेखावाटी, सिरोही और बीकानेर नस्ल के बकरों की UAE में काफी मांग रहती है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.