खाड़ी देशों के समुद्री इलाकों में सुरक्षा हालात बिगड़ते जा रहे हैं। भारत सरकार ने वहां काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। हाल ही में हुए मिसाइल हमलों और अन्य हादसों के बाद सरकार पूरी तरह सतर्क है ताकि भारतीय नाविकों को सुरक्षित रखा जा सके और भारत के समुद्री हितों की रक्षा की जा सके।

ओमान के पास हुए बड़े हादसे और हमले

पिछले कुछ दिनों में ओमान के तट के पास कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। 10 जून 2026 को सोहार, ओमान के पास Palau-फ्लैग वाले टैंकर MT Settebello पर मिसाइल हमला हुआ था। इस हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जबकि जहाज पर सवार अन्य 24 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया।

  • 8 जून को ओमान तट के पास MT Marivex टैंकर में आग लग गई थी, जहां ओमान एयरफोर्स ने सभी 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाला।
  • 11 जून 2026 को शनास पोर्ट, ओमान के पास Jalveer टैंकर के साथ एक सुरक्षा घटना हुई, जिसमें सभी 20 भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए हैं।

नाविकों के लिए सरकार की सख्त गाइडलाइंस

शिपिंग महानिदेशालय (DGS) ने सभी भारतीय नाविकों को सलाह दी है कि वे संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में यात्रा करते समय पूरी सावधानी बरतें। शिपिंग कंपनियों और वेसल ऑपरेटरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें और सरकार द्वारा जारी चेतावनियों पर नजर रखें।

नाविकों और उनके परिवारों की मदद के लिए सरकार ने 24 घंटे चालू रहने वाले हेल्पलाइन नंबर, व्हाट्सएप और ईमेल जैसे संचार माध्यम शुरू किए हैं। किसी भी हादसे की जानकारी तुरंत शिपिंग महानिदेशालय को देने को कहा गया है ताकि समय पर मदद पहुंच सके।

मुआवजा और सरकारी कदम

केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि सरकार हर भारतीय नाविक की सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने मृत नाविकों के परिवारों के प्रति गहरा दुख जताया है।

  • Seafarers Welfare Fund Society (SWFS) को निर्देश दिया गया है कि वह मृत नाविकों के परिजनों को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (ex-gratia) दे।
  • भारत सरकार ने उन वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों को लेकर अमेरिका के पास औपचारिक विरोध दर्ज कराया है जिनमें भारतीय चालक दल सवार थे।
  • सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय नौसेना और विदेशों में भारतीय मिशनों के बीच तालमेल बढ़ाया गया है।