संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में फंसी ओडिशा की हस्ता महानंदा आखिरकार सुरक्षित भारत वापस लौट आई हैं। वह साल 2019 में काम के सिलसिले में यूएई गई थीं, जिसके बाद उनके नियोक्ता ने उनका पासपोर्ट अपने पास रख लिया और उन्हें घर नहीं जाने दिया। कई वर्षों तक परिवार से संपर्क टूटने के बाद सोशल मीडिया, कानूनी हस्तक्षेप और भारतीय दूतावास की मदद से उनकी घर वापसी का रास्ता साफ हो सका।

कैसे संभव हो सकी हस्ता महानंदा की सुरक्षित घर वापसी?

ओडिशा की रहने वाली हस्ता महानंदा ने फेसबुक पर अपनी मदद के लिए एक वीडियो पोस्ट किया था। इस वीडियो को ओडिया समाज (Odia Samaj) नामक एक सामाजिक संगठन ने दुबई में भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों के संज्ञान में लाया। इसके बाद ओडिशा उच्च न्यायालय ने भी इस मामले में कूटनीतिक हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। भारतीय मिशन के अधिकारियों ने लगातार चार महीने से अधिक समय तक इस मामले पर जानकारी जुटाई और उनकी तलाश की।

दुबई में भारतीय वाणिज्य दूतावास और यूएई सरकार की भूमिका

12 मई 2026 को कंपनी मैनेजर हस्ता महानंदा को दुबई में भारतीय वाणिज्य दूतावास लेकर पहुंचा। भारतीय अधिकारियों ने हस्ता को लगभग 15 दिनों तक दूतावास परिसर में सुरक्षित आश्रय दिया। नियोक्ता ने उनके पासपोर्ट को अवैध तरीके से अपने पास रख लिया था। भारतीय वाणिज्य दूतावास ने कंपनी को निर्देश दिया कि वे हस्ता महानंदा के बकाया वेतन का भुगतान करें, सेवा समाप्ति के लाभों का निपटारा करें और उनका वीजा रद्द करें ताकि वे यूएई से बाहर जा सकें। इस पूरी प्रक्रिया में यूएई के विदेश मंत्रालय ने भारतीय कांसुलर अधिकारियों को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की।

भारतीय सामुदायिक कल्याण कोष से किया गया खर्च का भुगतान

हस्ता महानंदा ने बताया कि नियोक्ता ने उन्हें बार-बार घर जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, हालांकि उन्हें वहां किसी शारीरिक उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ा था। भारतीय मिशन ने उनके अस्थायी आवास की व्यवस्था, दैनिक खर्चों और भारत वापसी के लिए हवाई टिकट की बुकिंग के लिए भारतीय सामुदायिक कल्याण कोष (ICWF) के संसाधनों का उपयोग किया। वह अब सुरक्षित रूप से भारत वापस आ चुकी हैं और जल्द ही ओडिशा में अपनी तीन बेटियों से मुलाकात करेंगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हस्ता महानंदा को यूएई से भारत वापस लाने में किस फंड का उपयोग किया गया?

हस्ता महानंदा की सुरक्षित वापसी के लिए उनके आवास, भोजन और हवाई टिकट के खर्चों को पूरा करने के लिए भारतीय मिशन ने भारतीय सामुदायिक कल्याण कोष (ICWF) के फंड का उपयोग किया।

हस्ता महानंदा यूएई में क्यों फंसी हुई थीं?

वह साल 2019 में काम के लिए यूएई गई थीं। साल 2022 में भारत आने के बाद जब वह वापस यूएई गईं, तो उनके नियोक्ता ने उनका पासपोर्ट अवैध रूप से अपने पास रख लिया और उन्हें बार-बार घर लौटने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.