ओमान में MT Settebello जहाज पर हुए अमेरिकी हमले में जान गंवाने वाले दो भारतीय नाविकों के पार्थिव शरीर भारत वापस लाया गया है। ओमान में भारतीय दूतावास ने बुधवार को इस बात की पुष्टि की है। इस दुखद घटना ने वहां काम करने वाले भारतीय प्रवासियों और नाविकों के बीच गहरी चिंता बढ़ा दी है।
यह पूरा मामला 10 जून 2026 का है, जब सोहार तट से करीब 30 समुद्री मील दूर Palau-flagged जहाज MT Settebello पर अमेरिकी सेना ने हमला किया था। अमेरिकी सेना का दावा था कि इस जहाज ने ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई समुद्री नाकाबंदी का उल्लंघन किया था।
नाविकों की स्थिति और बचाव कार्य
जहाज पर कुल 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। इस हमले के बाद की स्थिति इस प्रकार रही:
- बचाव: कुल 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया।
- मृतक: शुरुआत में तीन नाविक लापता थे, जिनकी बाद में मौत की पुष्टि हुई।
- पार्थिव शरीर: बुधवार, 17 जून 2026 को श्री आदित्य शर्मा और श्री शिवानंद चौरसिया के पार्थिव शरीर भारत भेजे गए।
- सुरक्षित वापसी: 16 जून 2026 को बचे हुए 21 भारतीय नाविक भारत लौट आए। ओमान में भारतीय राजदूत प्रशांत पिसे ने उन्हें विदा करने से पहले उनसे मुलाकात की।
भारत सरकार की कार्रवाई और विरोध
भारत सरकार ने व्यावसायिक जहाजों पर हुए इस हमले को पूरी तरह गलत बताया है। केंद्रीय शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 11 जून को ही नाविकों की मौत की पुष्टि कर दी थी और अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि बचे हुए चालक दल और मृत शरीर को तुरंत भारत लाया जाए।
राजनयिक स्तर पर भी भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 13 जून 2026 को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से बात की और इस हमले पर भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराया। इसके अलावा, 12 जून को विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स जेसन मीक्स को बुलाकर इस घटना पर गहरी चिंता जताई और इसे अनुचित बताया।
ओमान में भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।