भारतीय नौसेना ने पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण माहौल के बीच एक बहुत बड़ा काम किया है। ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा के तहत नौसेना ने 18 व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिलाया। इन जहाजों में 9,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा का ज़रूरी सामान लदा हुआ था, जिसे नौसेना ने सुरक्षित पहुँचाया।

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विशाखापत्तनम में INS Mahendragiri नाम के नए स्टील्थ फ्रिगेट के उद्घाटन के दौरान रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज के समय में किसी भी देश की सुरक्षा और उसके व्यापारिक हितों के लिए एक फुर्तीली और मज़बूत नौसेना का होना बहुत ज़रूरी है।

रक्षा मंत्री ने बताया कि हाल की वैश्विक घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि एक सक्षम नौसेना कितनी ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना अब सिर्फ युद्ध लड़ने वाली फ़ौज नहीं है, बल्कि ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा जैसे कामों के ज़रिए वह भारत के आर्थिक हितों की रक्षा करने वाला एक मज़बूत कवच बन गई है।

Rajnath Singh ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘MAHA SAGAR’ विज़न के तहत भारत अब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा देने वाला एक प्रमुख पार्टनर बन गया है। इसका मकसद अलग-अलग क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देना है।

बता दें कि 8 जुलाई 2026 को भारत ने पश्चिम एशिया में व्यापारिक जहाजों पर होने वाले हमलों पर गहरी चिंता जताई थी। भारत ने सभी देशों से संयम बरतने और दुनिया भर के व्यापार की सुरक्षा करने की अपील की थी। अब INS Mahendragiri जैसे नए और आधुनिक स्वदेशी युद्धपोतों के आने से समुद्र में भारत की ताकत और भी बढ़ गई है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.