संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे भारतीय प्रवासियों के लिए एक बड़ी खबर है। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी किए गए नए नोटिफिकेशन के बाद, 1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट सेवाओं की फीस में लगभग 70 फीसदी तक का इजाफा कर दिया गया है। साल 2012 के बाद यह पहला मौका है जब पासपोर्ट शुल्क में इतनी बड़ी बढ़ोतरी की गई है। मंत्रालय ने प्रशासनिक, छपाई और सुरक्षा खर्चों में बढ़ोतरी को इस फैसले का मुख्य कारण बताया है।
नई दरों का विवरण
यह नई फीस अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास, दुबई स्थित महावाणिज्य दूतावास और सभी भारतीय कांसुलर आवेदन केंद्रों (ICAC) पर लागू है। शुल्क का विवरण नीचे दिया गया है:
| सेवा | पुरानी फीस | नई फीस |
|---|---|---|
| सामान्य पासपोर्ट (36 पेज) | Dh285 | Dh450 |
| पासपोर्ट (60 पेज) | Dh380 | Dh630 |
| तत्काल पासपोर्ट (36 पेज) | Dh855 | Dh900 |
| बच्चों का पासपोर्ट | – | Dh325 |
| पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट | Dh95 | Dh145 |
बच्चों के लिए थोड़ी राहत देते हुए, 8 साल तक के बच्चों के नए आवेदन पर 10 फीसदी की छूट दी गई है, जिससे यह फीस Dh295 हो गई है। 1 जुलाई 2026 से इन सभी सेवाओं का संचालन Alhind Tours and Travels LLC के माध्यम से किया जा रहा है।
प्रवासियों की चिंता
पासपोर्ट की बढ़ी हुई कीमतों से सामुदायिक स्वयंसेवकों और प्रवासियों में चिंता का माहौल है। सामाजिक कार्यकर्ता K.V. Shamsudheen ने इसे भारतीय श्रमिकों के लिए एक बड़ा झटका बताया है। वहीं, Vinod Nambiar के अनुसार, Dh800 से Dh1,200 के बीच कमाने वाले ब्लू-कॉलर श्रमिकों के लिए पासपोर्ट शुल्क का बोझ उठाना मुश्किल होगा, क्योंकि यह उनकी आधी महीने की कमाई के बराबर है। फिलहाल इन बढ़ी हुई दरों की समीक्षा को लेकर कोई आधिकारिक अपडेट जारी नहीं किया गया है।
